रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य मण्डला के नगर पंचायत निवास में स्वच्छता, टिंचिंग ग्राउण्ड, एफ एस टी पी, फर्जी फाइल, पंप मेकेनिक को लेखा पाल, कांजी हाउस में कब्जा, मीना कोरी के कार्यकाल में कई गई खरीदी को लेकर अनेको खबरे रेवांचल समाचार पत्र ने प्रमुखता से साक्षयो के आधार पर प्रकाशन की और जिले से लेकर सभागीय अधिकारी और भोपाल में बैठे वरिष्ठ अधिकारी को भी प्रकाशित खबरों के माध्यम से अवगत कराया मगर जबलपुर के सँयुक्त संचालके नागरीय प्रशासन पी जलोते के द्वारा केवल जाँच के नाम पर केवल 3 से 4 कारण बताओ नोटिश देकर खाना पूर्ति कर दी गई है,पर इन भ्रस्ट और सरकारी धन को अपना समझने वाले अधिकारी कर्मचारीयो आज तक किसी भी प्रकार कोई ठोस कदम उठाते हुए कड़ी कार्यवाही न किये जाने की जनचर्चा नगर में बनी हुई है, वही नगर में जनचर्चा का विषय केवल नगर विकास में रोड़ा बने मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपयंत्री, और दैनिक वेतन भोगी को आखिर क्यों वरिष्ट कार्यालय से अभय दान दिया जा रहा है अब लोगो मे यह बात भी कहा जा रहा है कि सरकारी धन में किये गए भ्रष्टाचार से बचाई गई राशि मे अपने वरिष्ट अधिकारियों को भी तो दक्षिणा स्वरुप राशि भेंट की गई होगी शायद इस लिये इन भ्रस्टो को केवल नोटिश के माध्यम आगाह करते हुए अपना पलडा झाड़ लिए है और लोगो को बताया जा रहा है कि उन्हें कारण बताओ नोटिश दी गई पर कारण बताओ नोटिस से आखिर होगा क्या केवल जबाब सवाल से कुछ होगा या फिर नोटिस के नाम पर होगी वसूली या तो कुछ समय बाद ही पता चल पाएगा कि भ्रस्ट अधिकारियों की जड़े कहा तक मजबूती से फैली है और उन जड़ो को कौन कौन मदद कर रहा शायद ये आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा जबलपुर ही बता पाऐगी,
वही सूत्रों का कहना है कि जिले से लेकर संभाग में बैठे अधिकारी के आदेश पर ही निवास नगर पंचायत में ये सब हो रहा है जिसके कारण केवल कागजो में ही कार्यवाही चल रही है सभी खबरे पूर्ण रूप से सत्यता के साथ प्रकाशन होने के बाद भी अधिकारी का हाथ मे हाथ धरे रहना इस बात को सावित करता है कि इनकी भी मिली भगत है जिसके कारण आज तक कोई कार्यवाही नही हुई है । जिले की जनता का कहना है कि अगर अधिकारीयो को कार्यवाही नही करना तो क्यो दिखावे के लिए कारण बताओ नोटिश जारी कर के खाना पूर्ति कर रहे है । और जिले की जनता और मीडिया को गुमराह कर रहे है । आज इन सब मामलों को लेकर जिले की जनता का वरिष्ठ अधिकारियों से विश्वास उठता जा रहा है और सब के मुंह मे यही बात है कि सभी इस मे मिले हुये है जिसके कारण कार्यवाही नही हो रही है और न ही विभागीय स्तर से आगे होगी ।क्योंकि कार्यपालन यंत्री से लेकर जेडी तक मोटी रकम पहुचा दी गई है । वही मीडिया भी सच्चाई को उजागर करती रहेगी। कार्यवाही आज नही तो कल होगी। वही नगर में और परिषद में जनचर्चा बनी हुई है कि अब नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी जल्द से जल्द अपना स्थानंतरण करके भागने में लगे हुए है क्योंकि अब नगर परिषद में आये दिन इनके किये और पूर्व में किये गए कारनामों की पोल पर पोल परत दरपरत खुल रही है पर बेचारे इनके इशारे में फाइल चलाने वाले अधिकारी और कर्मचारियों का होगा पर कोई कही जाए जांच होती है और अगर विभाग के अधिकारी कार्यवाही नही करेगे तो लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू तो कार्यवाही जांच करेगी ही आज नही तो कल ।
वही जब निवास नगर परिषद में अधिकारियों और उपयंत्री की मिलभगत से किये गए पद का दुरुपयोग गोलमाल मनमानी को लेकर रेवांचल की टीम इनके वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी सँयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन से बात करना चाहा तो इनका सेल न पर लगातार संपर्क किया पर कॉल अटेंड नही हुआ जिसके कारण से लगता है कि कही न कही नगर परिषद निवास में हो रही अनिमित्ता की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी है पर वो कुछ कहने से बच रहे है और केवल इन को नोटिस पर नोटिस देकर अपना पक्ष मजबूत कर केवल खानापूर्ति की जा रही है जिस कारण आज आदिवासी जिला चारागाह बना हुआ।
शेष अगले अंक में....

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