रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में नही रुक पा रही हैं रेत चोरी खनिज विभाग में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी के सुस्त रवैये से दिन व दिन रेत चोरों के हौसले बुलंद शाम होते ही ट्रैक्टर डंफर नदी नालों में आसानी से देखने को मिल जाएंगे पर ये सब खनिज के जिम्मदारों को नजर नही आ रहे ये फिर नजराना लेकर देखना नही चाह रहे हैं, वही पठार क्षेत्र में रात भर गाड़िया दौड़ती है जिसके कारण सड़क और नदी नालों के किनारे रहने वालो की नींद हराम हो चुकी है पर जिम्मेदार विभाग चैन की नींद सो रहा है । वही रेत की गाड़ियां खनिज विभाग की मौन सहमति या कहे कि साठगांठ से रेत खदानों शाम होते ही चोरी हो रही हैं। लगता है कि जिला प्रशासन और विभाग रेत
माफिया राज बढ़ा राह है न कि खत्म कर राह है आने वाले समय मे ना नही कोई नही कह सकता हैं। वैसे ही मंडला जिले में बड़े बड़े माफिया नेताओं के संरक्षण प्राप्त हैं। और जो की किसी ना किसी राजनीतिक दल से जुड़े है। और राजनीति संरक्षण के आड़ में रेत चोरी, शराब बेचना, जुआ खुलवाना, सट्टा लिखवाना, ये बड़ा खेल करते चले आ रहे हैं। एक रेत माफिया ने नाम न छापने को लेकर बताया कि आखिर जिले में क्यों सब खुलेआम चल रहा है। जो लोग भी गलत कामों को अंजाम दे रहे उनके पीछे किसी न किसी विधायक सांसद या फिर बड़े जनप्रतिनिधि का हाथ रहता है सत्ता पक्ष और विपक्षी दल के लोग भी इन कार्यों में तेजी से लिप्त है जिनके पास चलने के लिए साइकिल नशीब नही थी आज वो चार चक्के का शौक पूरा कर रहे दिन में राजनीति दलों के साथ मंच में नजर आऐंगे और शाम होते ही किसी नदी नालों के किनारे रेत चुराते बेचारी पुलिस करे भी तो क्या इन्हें पकड़ने की जगह इन्हें संरक्षण दे रही है और जिम्मेदार विभाग के पकड़ते ही किसी जिम्मेदार नेता या मंत्री का फोन आ जाता है तुम्हे मेरे ही आदमी की गाड़ी नजर आती है और कुछ नजर नही आ रहा है उसे छोड़ो नही अपना ट्रासफर करा लो बस इसी कारण से इस जिले में माफ़िया मस्त और विभाग सुस्त है। इसी तर्ज पर पठार छेत्र में रातों रात चोरी की रेत लाई जा रही हैं। वही रात भर रेत की गाड़ियां बेखौफ होकर रेत माफिया रेत चोरी करते है। वही खनिज विभाग के अधिकारियों को जानकारी होने के बाद सिर्फ जांच करने का झूठा दिलासा दिया जाता है। जिससे साफ पता चलता है। खनिज विभाग रेत माफिया से कितनी बड़ी साठ गांठ हैं।वही पठार में ऐसे रेत माफिया है। जो रातों रात रेत लाकर ऊंचे दामों में रेत बेच रहे हैं। और खनिज विभाग अपना कमीशन लेकर चुप हैं।
पठार क्षेत्र सहित पूरे जिले में रात भर चलती हैं। रेत की गाड़ीया
जिले के हिरदेनगर बम्हनी बिछिया सिझोरा मवई मोहगांव घुघरी में न राजस्व ओर न फारेस्ट सब मे माफियाओं की नजर गड़ी हुई है और पठार क्षेत्र में इन दिनों प्रधान मंत्री आवास का काम जोरों पर चल रहा है। इस बात का फायदा रेत माफिया उठा रहे है। चोरी की रेत लाकर ऊंचे दामों में गरीब भोले भाले आदिवासियों को रेत बेच रहें है। वही डिठोरी सालीवाड़ा पिंडरई खिरखिरि में रात भर गाड़ियों की धमाचौकड़ी देखी जा सकती है वही नाम ना छापने की शर्त पर बताया की खनिज विभाग से साठ गांठ हैं। जिसके कारण चोरी की रेत धड़ले से लाई जा रही हैं। जिसमें कल रात 9.46 बजे वाहन क्रमांक एमपी 51 जी 1276 जोकि चोरी की रेत लाई गईं थी। वाहन चालक ने बताया की राहुल सिंगौर के कहने पर रेत लेकर पिंडरई जा रहा हुं। वही सवाल खड़ा होता है। की खनिज विभाग की नाक के नीचे से रेत माफिया रेत चोरी कर रहें हैं। और खनिज अधिकारी सिर्फ खाना पूर्ति कर रहे हैं। खैर जो भी क्या अब राहुल सिंगोर पर खनिज विभाग कार्यवाही करेगा या फिर मामला साठ गांठ के चलते दब जायेगा !
इनका कहना है...
मुझे जानकारी नही हैं।आप जिला खनिज अधिकारी से बार करें। वही जानकारी दे सकते है।
हितेश बिसेन
निरीक्षक खनिज विभाग मंडला




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