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Sunday, January 15, 2023

आज तक नही लगाए जा सके बोर्ड, रखे रखे हो रहे कबाड़ ,अधिकारी बैठे चुप इंजीनियर ने बनवाये थे वोर्ड स्वछता सर्वेक्षण के तहत बने थे वोर्ड




रेवांचल टाईम्स - मंडला पिछले कुछ माह से स्वच्छता, जीएसटी न भरने आयकर जमा न करने, कचरा जलाए जाने ,कांजी हाउस में कब्जा आदि मामलों को लेकर नगर परिषद निवास सुर्खियों में बना हुआ है ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जहां पर परिषद के अधिकारी कर्मचारीयो ने शासन के हजारों रुपये खर्च करके इजीनियर रोजिया डोंगरे द्वारा वार्ड में वार्ड नंबर दर्शाने के लिए स्वछता के तहत और टिंचिंग ग्राउण्ड में लगाने के लिए वोर्ड बनवाये गए थे जानकारी के अनुसार ये बोर्ड फरवरी मार्च 2021 में बनवाये गए थे जो 2 साल बीत जाने के बाद भी आज तक नही लगाए गए है ये वोर्ड रखे रखे जंग खा रहे है और खराब हो रहे है इसके बाद भी जिम्मेदार का ध्यान नही है ।इस बात से यह साबित होता है कि यहां पदस्थ अधिकारी और उपयंत्री शासन के द्धारा नगर विकास और नगरवासियों के लिए दिए जा रहे पैसे का दुरुपयोग कर रहे है ।जानकारी के अनुसार ये 14 बोर्ड कबाड़ होते जा रहे है मगर इस पर किसी का ध्यान नही है वही नगर के लोगो का कहना है कि जब वोर्ड लगना ही नही थे तो बनवाये क्यो गए ।

जनचर्चा है कि कही कमीशन का मामला तो नही, वही लोगो का कहना है कि सब को पता है कि यहां से ये वार्ड लगता है और स्वछता अभियान चल रहा है  तो फिर वोर्ड बनवाने का उद्देश्य क्या है कही ऐसा तो नही कि इजीनियर द्वारा कमीशन के चक्कर मे  व्यापारी से वोर्ड बनवा लिए गए हो और बिल पास करा दिया गया हो, पर मौके में बोर्ड न लगना नियम कानून की धज्जियां उड़ना है पर ये सब इस जिले में किसको फुर्सत है कि सही क्या और गलत क्या बस जिम्मदारों के मन मे जो आ रहा है वह कर रहे है, वही लोगो को या परिषद को इसकी भनक न लगे इसलिए चुप चाप रख दिये गए हो । नगर के लोगो का कहना है कि वोर्ड किलो के हिसाब से बनते है तो सभी वोर्ड का तोल कराकर कितनी राशि निकाली गई है इसकी जांच होनी चाहिए। और इसकी फाइल भी दैनिक वेतन भोगी  कर्मचारी मोहन मरूआ के द्वारा चलाये जाने की जन चर्चा है इसकी भी जांच होनी चाइये ।आम जनता का पैसों का दुरुपयोग करने वालो पर एक बार अगर कार्यवाही हो जाये तो आने वाले सभी अधिकारी परिषद से पूछ कर ही काम करेंगे ।

कोटेशन खाना पूर्ति देखा गया कि नगर परिषद में पदस्थ दैनिक वेतन भोगी मोहन मरूआ को परिषद में काम करते करते बहुत अनुभव हो गया है और इस अनुभव का फायदा उठा कर ये अपनी और अधिकारियों की क़लम बचाने के लिए 3 लोगो का कोटेशन मंगवाकर खाना पूर्ति कर लेते है और सभी सेटिंग वाले कामो में खुद ही कोटेशन भरकर रख लिया जाता है और अपने हिसाब से काम करा कर बिल लगाकर राशी निकाल ली जाती है आम जनता ने वोर्ड की तोल और बिल बाउचर नोटशीट  की जांच की मांग की है ।

नवगठित परिषद को लेना चाहिए सज्ञान मे वही नगर के लोगों का कहना है कि नवागत अध्यक्ष हेमलता परस्ते को समस्त वोर्ड के बिल निकलवाकर देखना चाहिए और उनकी तोल कराना चाहिये और 2 साल में वोर्ड न लगाए जाने का कारण भी इंजीनियर से पता करना चहिए । और अगर बिलो में कोई हेराफेरी की गई है तो शिकायत करनी चाइये।

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