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Tuesday, January 24, 2023

आख़िर दिखावे के लिए बदला दिया प्रभार पर फिर भी फाइल चला रहा अधिकारी का खास मोहन मरूआ




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत निवास में अजब गजब कारनामे बन्द नही हो पा रहे है बल्कि नए नए रोज कारनामें दिखाई दे रहे है। 

          वही जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक मामला और सामने आया है जहा कि केवल दिखावा के लिए स्वच्छता का प्रभार फरवरी 2022 से गौतम गहोरिया जो परिवीक्षा अवधि में चल रहा है उसको स्वच्छता पर्यवेक्षक बना दिया गया है मगर आज तक इनको किसी भी प्रकार की फाइल चलाने का मौका नही दिया गया बल्कि यहां पदस्थ इजीनियर रोजिया डोगरे और मोहन मरूआ को नही दिया गया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार फरवरी 2022 से स्वच्छता की सभी फाइलें अधिकारियों के खास बने और अपने करीबी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मोहन मरूआ के द्वारा के चलाई जा रही है और फाइलों में क्या लिखना है यह नोडल अधिकारी रोजिया डोगरे बता रही है, वही जब इसकी जानकारी मीडिया के द्वारा स्वच्छता को लेकर खबर प्रकाशित की गई तो अपने आप को बचाने के लिए सब इंजीनियर और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी  द्वारा षड्यंत्र रच कर आनन फाफन में प्रभार गौतम गहोरिया को दे दिया और फाइल स्वयं चला कर न जाने क्या काला पीला कर रहे है, वही सूत्रों का मानना है कि फरवरी 2022 के बाद कि सभी फाइलों की में सरकारी धन की खुलकर होली खेली गई है और जिसकी अगर शूक्ष्मता जांच की जाए तो इन्ही दैनिक वेतन भोगी की हैंडराइटिंग मिलेगी और खरीदी से लेकर हर फाइल इन्ही के द्वारा चलाई गई है ।

        वही सूत्रों का कहना है कि सब इंजीनियर और इस दैनिक वेतन भोगी के द्वारा ऐसा इसलिए किया गया है कि अगर कोई बात आये तो इसकी जबाबदारी स्वच्छता पर्यवेक्षक के ऊपर आए और वह अपने आपको साफ सुथरा बता सकें। वही रेवांचल टीम से बात होने पर स्वच्छता पर्यवेक्षक गौतम गहोरिया ने बताया कि उनके द्वारा आज तक कोई भी फाइल नहीं चलाई गई है और ना ही किसी फाइल में उनके हस्ताक्षर हैं और ना ही किसी फाइल में उनकी हेड राइटिंग मिलेगी, इन सब चीजों के सामने आने से यह सावित होता है  कि यहां पदस्थ सबइंजीनियर और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मोहन मारूंगा के द्वारा मनमाने तरीके से नगर परिषद निवास में अधिकारियों की मिलीभगत कितना गोल माल किया जा रहा है, और जहां जब जेब भरने की बात आती है वह आगे आ जाते है और जहां फंसने की बात आती है वहा दूसरे कर्मचारी पर जिम्मेदारी डाल देते है ये दोनों मिलकर कितना दिमाक लगा कर काम कर रहे है इसका अंदाजा कोई नही लगा पा रहा है ।

        वही जिम्मेदार अधिकारी के खास बने हुए इस दैनिक वेतन भोगी के पास और इनके परिवार के नाम से क्या क्या चल अचल संपत्ति है इसका खुलासा भी जल्द होगा और इसकी जांच रेवांचल टीम के द्वारा जांच एजेंसियों ईओडब्ल्यू विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को समाचार पत्र और आवेदन के माध्यम से जल्द ही अवगत कराते हुए इनके कार्यकाल के समय निर्माण कार्य क्रय अन्य संबंधित पिछले 6 सालों में चली सभी फाइलें तत्कालीन अधिकारियों के शह पर अपनी जेब गर्म की गई है खुलकर भ्रष्टाचार किया गया वही सीएमओ मीना कोरी के समय भी अनेकों सामग्री की फाइल इनके द्वारा ही चलाई गई है जो कार्यालय से आज भी नदारद हैं जल्दी रेवांचल टीम के द्वारा उन सामग्री का भी खुलासा करेगी और नवागत अध्यक्ष हेमलता परस्ते उपाध्यक्ष बसंत चौधरी पार्षद विभा जैन, प्रियंका पूसाम ,सहित अभी पार्षदों से सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, और इनका काला चिठ्ठा खोला जायेगा।.......शेष अगले अंक में

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