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Friday, January 27, 2023

52 जिलों में देशी, मसाला दारू सप्लाय टेंडर की तारीख बढ़ाने की तैयारी फेल अब अफसरों की निगरानी में सिंडीकेट बना कर, 100 रूपये अधिक रेट में, ऑन लाईन टेंडर डालने की तैयारी....


रेवांचल टाईम्स - प्रति वर्ष अनुसार, वर्ष 2023—24 के लिए प्रदेश की डिस्टलारियों से देशी (प्लेन) और मसाला दारू की सप्लाय सरकार (प्रदेश के सरकारी वेयर हाऊस) को करने के लिए दिनांक 20/01/2023 को टेंडर डाले जाना थे, किंतु सोम डिस्टलरीज पर धार जिले का वर्ष 2006 से वर्तमान में कुल बकाया 16,05,13,111 (सोलह करोड़ से अधिक) वसूली पर हाईकोर्ट ने दिनांक 16/01/2023 को स्टे वेकेट कर दिया, बकाया वसूली खड़ी होने से सोम डिस्टलरीज के मालिक टेंडर डालने से अपात्र हो गए, कानूनी दाव—पेंच के लिए समय मिल जाए, इसलिए टेंडर तारीख 28/01/2023 कर दी गई, जब राहत मिलने की उम्मीद खत्म होती नजर आई तो दिनांक 25/01/2023 की देर शाम तक एक बार फिर टेंडर तारीख बढ़ाने की जुगत भ्रष्ट तंत्र ने लगाई, किंतु उनकी गोटी उनसे उच्च स्तर पर बैठ नही पाई, अब ऑफ लाईन की बजाए ऑन लाईन टेंडर दिनांक 27/01/2023 को डाल कर, दिनांक 28/01/2023 को खोले जाएंगे, जिसके लिए सिंडीकेट टाईप से डिस्टलरों का रिंग बना देने की जानकारी मुख्यालय के सूत्र दे रहे है, सभी डिस्टलरों को आपस में मिल कर, जिले बांट लेने की समझाईश वि.क.अ. से फूल कमिश्नर बनाए गए, आबकारी कमिश्नर साहब ने दे दी है, जिन्हे विभाग के अफसर शुरू में सीधे और ईमानदार समझ रहे थे, वही आबकारी अफसर अब उनके खिलाड़ी होने की चर्चा कर रहे है, दारू  विभाग में यूं ही शुद्धता के लिए थोड़ी आए है ! हरियाली की बहती गंगा में भरपूर तैरने आए है, साल दो साल में दो अफसरों के यहां छापा स्टेट या सेंट्रल एजेंसी डाले तो, दो सौ, पांच सौ करोड़ बरसना मामूली बात है, खैर अब डिस्टलर 100 रूपये प्रति पेटी के लगभग रेट बढ़ा कर अलग—अलग जिलों के लिए टेंडर डाल सकते है, जिस पर अभी से रेट मॉनिटरिंग (मोनोपॉली बना कर रेट डालने वाली एजेंसी CCI सहित अन्य की नजर है) इसमें आज नहीं तो कल अफसरों का रिटायरमेंट भी उस मजे से नहीं गुजरेगा जिस मजे के लिए वो आज काला पीला करने में लगे है... अब देखने वाली बात ये है कि कई लोन खा कर बैठे एक डिस्टलरीज के, कई मामलों में आरोपी मालिक कल 07 करोड़ से अधिक जमा करके, टेंडर में भाग लेते है या आने वाले साल में होने वाले लगभग 50 करोड़ के लाभ का कड़वा घूंट पीते है ? चर्चा के अनुसार वर्तमान अफसर इतने भी सिद्धांतवादी नही है कि, सरकार और जनता का अधिक भला सोचे और अमिताभ बच्चन का डायलॉग बोले, फेंके हुए .....

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