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Friday, January 27, 2023

सुबह उठ कर धरती मां का ले आशीर्वाद, इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें



हिंदू धर्म में धरती को मां का दर्जा दिया गया है. कहते हैं कि इसे पृथ्वी मां, धरती मां या धरती माता के नाम से ही संबोधित किया जाता है. माना जाता है कि हमें नित्य सुबह उठ कर धरती मां को स्पर्श करना चाहिए.

सुबह जैसे से आप उठे. उठते ही जब आप अपने कदम नीचे धरती पर रखें तो मां को दाहिने हाथ से सबसे पहले स्पर्श करें और उसको अपने मस्तक पर लगाएं. हिंदू धर्म में ये परंपरा सदियों से चली आ रही है. माना जाता है कि माथे पर स्पर्श करने से धरती मां आपको आशीर्वाद देती हैं.

माना जाता है कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों ने इस रीति को विधान बनाकर इसको नित्य करते थे. ये धरती मां को सम्मान देने का एक तरीका है.जिससे आप धरती माता के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर सकें और उन्हें सम्मान दे सकें. जो भी हम धरती में बोते हैं, ये उसे धरती पोषित करके हमें वापस देती है। हम जो भी खाते है , पीते हैं वो समय धरती माता का ही दिया हुआ है. जैसे अन्न, जल,दवाईयां, फल-फूल, कपड़े आदि सब धरती मां की देन हैं.

शास्त्रों की मानें तो धरती मां हमें इतना सब कुछ दिया है इन्हीं सब वजह से हम धरती मां के कर्जदार हैं. साथ ही हमें प्रात: काल धरती मां को स्पर्श करके इस मंत्र का जाप भी करना चाहिए.



ये है मंत्र-
समुद्र-वसने देवि, पर्वत-स्तन-मंडिते।
विष्णु-पत्नि नमस्तुभ्यं, पाद-स्पर्शं क्षमस्व मे॥

इस मंत्र का अर्थ है- समुद्र रुपी वस्त्र धारण करने वाली पर्वत रुपी स्तनों से मंडित भगवान विष्णु की पत्नी हे माता पृथ्वी! मुझे पाद स्पर्श के लिए क्षमा करें.

कब होती है धरती मां की पूजाहमें कोई भी काम नया शुरु करने से पहले धरती मां को स्पर्श करना चाहिए.
धरती मां को माथे टेक कर हमें उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए
साथ ही माथे टेकने के साथ ही हम धरती मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.
किसी भी अनुष्ठान से पहले हम धरती मां की पूजा करते हैं.
जब किसी एक मकान -दुकान का निर्माण होते है तो भूमि पूजन पर खास मंत्रों के साथ धरती मां की आराधना की जाती है .
घर की नींव में चांदी का सर्प रखा जाता है. शास्त्रों के अनुसार हमारी पृथ्वी सर्प के फन पर टिकी हुई है.
वहीं किसान हर साल अपनी फसल बोने से पहले घरती पूजन करते हैं.

माना गया है कि भूमि पूजन इंसान को अपनी ज़मीन अपनी मिट्टी से जोड़कर रखता है और अहंकार से दूर रखता है, साथ ही आपको सहनशील, धैर्यवान बनता है. तो आप भी इस कार्य को नित्य अपनी क्रिया में जोड़ कर धरती मां का आशीर्वाद लिया करें.

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