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Friday, January 27, 2023

जन विकास यात्रा 30 जनवरी 2023 को नारायणगंज से रवाना होगी पैदल यात्रा 3 फरवरी को पहुंचेगी कमिश्नर कार्यालय...


रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला   मंडला में विस्थापन, पलायन और बेरोजगारी मुक्त मंडला का संकल्प लेकर जन विकास यात्रा दोपहर 2 बजे डॉ. अशोक मर्सकोले के नेतृत्व में नारायणगंज से जबलपुर के लिए पैदल रवाना होगा। जल, जंगल, जमीन और जीवन से जुड़ी स्वायत्त अधिकार पर हो रहे हमले के खिलाफ चेतावनी भी है यह यात्रा। बरगी बांध का अथाह जल भंडार, नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के बाद भी मंडला सिंचाई से वंचित है। निवास विधानसभा क्षेत्र का बीजाडाडी, नारायणगंज, मोहगाव और निवास विकास खंड पठारी क्षेत्र असमतल एवं असिंचित है।भूमि सिंचित नहीं होने के कारण ग्रामीण इस भूमि में खेती नहीं कर पा रहे हैं। जिससे भूस्वामीयों का आर्थिक परेशानी के साथ पलायन उनकी मजबूरी बन जाती है। जबकि इस क्षेत्र के किसानों द्वारा विगत कई वर्षों से बरगी और नर्मदा से लिफ्ट सिंचाई योजना की मांग करते आ रहे हैं। परन्तु प्रदेश सरकार इस मांग को अनसुना कर रही है और नर्मदा घाटी विकास विभाग बरगी जलाशय से पानी देने को मना कर रहा है। ग्रामीणों की गांव में ही रोजगार देने की रोजगार गारंटी योजना भी पर्याप्त काम नहीं दे पा रहा है, जिससे लोगों का योजना से मोहभंग हो गया है। बरगी, हालौन, कान्हा, फैन, और मनेरी के विस्थापित परिवार बदहाली में रहने को मजबूर है। वहीं फिर से चुटका बसनिया और दलपतशाह अभयारण्य से ग्रामीण समुदाय को विस्थापित करने की योजना तैयार कर लिया गया है। इन विभिन्न समस्याओं के संदर्भ में दिनांक 3 फरवरी को कमिश्नर जबलपुर को विस्तृत माग पत्र देकर चर्चा किया जाएगा। मुख्य मांग है कि बरगी बांध और नर्मदा नदी से बीजाड़ाडी, नारायणगंज, मोहगांव और निवास में लिफ्ट सिंचाई योजना से खेत खलिहान तक पानी पहुंचाया जाए। चुटका, बसनिया और दलपतशाह अभ्यारण्य को निरस्त किया जाए। मंडला के विभिन्न परियोजनाओं से विस्थापित परिवारों की वर्तमान रहवास, सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर जांच के लिए कमेटी गठित हो। उसके बाद विस्थापित परिवारों की स्थिति का आकलन कर उनका पुनर्वास किया जाए। पलायन को रोकने के लिए 10 वर्षीय दीर्घकालीन योजना स्थानीय समुदाय के सुझाव, विश्वास और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के आधार बनाया जाए। डॉ अशोक मर्सकोले ने मंडला के व्यापक हित में बुद्धिजीवी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, कलाकार, पत्रकार और जनसामान्य से यात्रा में शामिल होने की अपील किया है। इस यात्रा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आदिवासी महापंचायत गढ़ा नर्मदा जल लाओ विकास समिति, नर्मदा बचाओ आंदोलन, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ, बुटका परमाणु परियोजना विरोधी संघर्ष समिति और बसनिया (ओढारी) बांध विरोधी संघर्ष समिति ने अपना समर्थन दिया है।

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