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निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय योजना-2019

मंडला 20 जनवरी 2023


            निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय (शेड) योजना संशोधित स्वरूप में वर्ष 2019 से लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे निर्माण श्रमिक जो रोजगार प्राप्त करने हेतु शहरों में चौराहों तथा सड़क के किनारे खड़े होते हैं, उन्हें बरसात एवं धूप से बचाने हेतु विश्राम एवं छाया के लिये शेड, आश्रय का निर्माण करना है। शेड निर्माण हेतु रूपये 2.45 लाख तक की राशि मण्डल द्वारा अनुदान के रूप देने का प्रावधान है।

            प्रथम किश्त के रूप मे 1 लाख, प्रथम किश्त का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त होने पर द्वितीय किश्त के रूप में राशि रूपये 1 लाख तथा शेड निर्माण पूर्ण होने पर पूर्णता संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर अनुदान की शेष राशि अंतिम व तृतीय किश्त के रूप में रूपये 45 हजार देने का प्रावधान है।

 

योजना का विवरण

 

            नगरीय क्षेत्रों में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित नगरीय निकाय, जनपद पंचायत द्वारा ऐसे स्थानों का चयन कर, जहां नियमित रूप से निर्माण पीठा श्रमिक कार्य की खोज में एकत्रित होते हैं, शेड निर्माण हेतु स्थान की उपयुक्तता, भूमि की उपलब्धता सहित विस्तृत प्रस्ताव जिला श्रम कार्यालय के माध्यम से मण्डल को प्रेषित किए जाएंगे। शेड के प्रस्ताव प्राप्त होने पर मण्डल के सचिव द्वारा परीक्षण कर वांछित अनुमति संबधित जिलों के श्रम विभागीय अधिकारी को प्रेषित की जाएगी। शेड के लिए भूमि के चयन तथा शेड निर्माण के पश्चात् भविष्य में समस्त संधारण कार्य सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व संबंधित नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत का होगा तथा शेड निर्माण का पर्यवेक्षण संभागीय, जिला श्रम कार्यालय द्वारा किया जायेगा।

            निर्माण एजेंसी- योजना के अंतर्गत निर्माण एजेंसी संबंधित नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत होंगे। मंडल के सचिव से अनुमत प्रस्तावों पर शेड निर्माण संबंधी कार्यादेश संबंधित नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत को संभागीय, जिला श्रम कार्यालयों द्वारा दिया जायेगा।

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