मंडला जिले के सांसद सिर्फ हरी झंडी दिखाने में करते है, भरोसा एक ही ट्रेन को दिखाते है, झंडी, नागपुर डिवीजन के अधिकारीयों की उदासीनता के चलते प्रतिदिन हो रहे रेल यात्री परेशान.... - revanchal times new

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Sunday, December 25, 2022

मंडला जिले के सांसद सिर्फ हरी झंडी दिखाने में करते है, भरोसा एक ही ट्रेन को दिखाते है, झंडी, नागपुर डिवीजन के अधिकारीयों की उदासीनता के चलते प्रतिदिन हो रहे रेल यात्री परेशान....





रेवांचल टाईम्स - मंडला, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का एशिया का सबसे बड़ा जंक्शन नैरोगेज का नैनपुर स्टेशन आज जनप्रतिनिधियों के निठल्ले पन के कारण दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। विकास में बड़ी बाधा सांसद की इच्छा शक्ति बीच में आ रही हैं। क्यों की वे चाहते है। की जब में कहूं तब ट्रेन चालू हो या फिर उनकी अधिकारी सुनते नही है। लोगो मे जनचर्चा के दौरान दो बाते सामने आ रहीं हैं। जिसके कारण आज क्षेत्र की जनता सांसद का दंश झेल रही है और आज तक सुचारू रूप से कोई भी ट्रेन चालू नहीं हो पाई है वहीं अनेक बार क्षेत्र की जनता ने सांसद महोदय से गुहार लगाई है कि ट्रेन का आवागमन सुचारू रूप से चालू किया जाए मगर क्षेत्र के सांसद सिर्फ आश्वासन में विश्वास रखते है और बेचारी  जनता को हमेशा ही लॉलीपॉप देते रहते हैं मगर कब तक अब कुछ माहों में जनता का भी समय आ रहा है जब जनता देंगी ज़बाब 


जनता के लिए ट्रेन कब चलेगी कोई जिम्मेदार या जनप्रतिनिधि बतायेगा

ब्रॉडगेज के पूर्व यहां के लोगों को जिम्मेदार  जनप्रतिनिधियों ने एक से बढ़कर एक सपने दिखाए गए थे किंतु केवल जबलपुर गोंदिया ब्रॉडगेज माल ढुलाई का साधन बन चुका है देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नक्शे कदम पर चलते हुए नागपुर डिवीजन के डीआरएम केवल और केवल माल गाड़ियों पर ध्यान दे रहे हैं रेल यात्रियों की हो रही तकलीफ से उन्हें कोई लेना देना नहीं है आए दिन कभी गाड़ी स्टेशन से लेट छूटती है तो कभी होम सिग्नल से वापस आ जाती है रेल यात्रियों को प्रतिदिन हो रही इस तकलीफ से रेल प्रशासन को कोई लेना देना नहीं है


15 दिनों से एक ही प्लेटफार्म पर खड़ी है मालगाड़ी 

वही रेलवे के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिंडरई स्टेशन में एक नंबर प्लेटफार्म पर एक मालवाहक गाड़ी लगभग 15 दिनों से स्टेबल है जिसे हटाना तो चाहते हैं लेकिन हट नहीं रही है नागपुर डिवीजन में कोई रखवाला नहीं है इस ट्रेन का इसी तरह निधानी स्टेशन में भी एक ट्रेन खड़ी है जिसके चलते प्रतिदिन सवारी गाड़ियां लेट हो रही है लेकिन नागपुर डिवीजन के अधिकारियों की नींद खुलने को तैयार नहीं है पिछले दिनों नैनपुर के 4 परिवारों को जगन्नाथ पुरी की यात्रा करना था उनके पास गोंदिया से कंफर्म टिकट थी किंतु मेमू ट्रेन 1 घंटे तक गोंदिया होटल में खड़ी रही जिस कारण पूरे परिवार को आर्थिक हानि और अपनी यात्रा रद्द कर वापस नैनपुर लौटना पड़ा कहीं यह रेलवे को घाटा दिखाकर सवारी गाड़ी बंद करने की साजिश तो नहीं हो रही है आदिवासी जिले की जनता को हमेशा ही इन नेताओ ने छला है केवल मंच में बड़े बड़े वादे कर लोगो को अच्छे सपने दिखाया है।

आदिवासी अंचल में रहने वाले यात्रियों को नही मिल रहा है, लाभ

रेलवे लोगो के साथ रेलवे प्रशासन दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है एक और जहां दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रबंधक मनिंदर सिंह उप्पल हिटलर की भूमिका में है और यात्री गाड़ियों को तो टाइम पास के लिए चला रहे हैं यात्रियों के समय और पैसा को बिल्कुल ही महत्व नहीं दे रहे हैं इन्हें तो बस अवार्ड जीतने के लिए और कमीशन के चक्कर में माल गाड़ियों को खाली ट्रैक देना है पिछले दिनों 3-4 घटनाओं में तो रेलवे के सेवा भाव को धता बता दिया है जहां सुबह 10:00 बजे गढ़ा से छूटने वाली गाड़ी नैनपुर 4:00 बजे पहुंचती है ग्वारीघाट बरगी में एक 1 घंटे तक मालगाड़ी को सिग्नल दिया जाता है दूसरी ओर 4 परिवार नैनपुर से गोंदिया होते हुए पुरी जाने के लिए रिजर्वेशन कराएं और इन्होंने गड़ा गोंदिया डेमू में यात्रा प्रारंभ की गोंदिया आउटर में 1 घंटे खड़ी रही गाड़ी जिस कारण पुरी जाने वाली गाड़ी सामने से निकल गई और 4 परिवार रिजर्वेशन रहते हुए भी सुबह पुनः वापस अपने घर आना पड़ा ऐसी दशा में क्षेत्र में यात्रियों को रेलवे से सिर्फ परेशानी और परेशानी मिल रही है इनकी सुनने वाला कोई और नहीं जनप्रतिनिधि चुनाव मोड में आ गए हद तो जब हो गई है प्रतिदिन नैनपुर आने वाली रात्रि की गाड़ी प्लेटफार्म नंबर 2 में लग रही है कई यात्री बुजुर्ग विकलांग व्यापारी जबलपुर में इलाज एवं समान की खरीदी करके नैनपुर पहुंचते हैं एक नंबर खाली रहते हुए भी आने वाली गाड़ी के लिए उसे दूर नंबर में लिया जाता है जिससे लोगों को ब्रिज क्रॉस करके मजबूरी में आना पड़ता है इसी प्रकार जबलपुर स्टेशन में भी मदन महल में भी कभी भी प्लेटफार्म बदल दिया जाता है जिससे यात्रियों में बड़ा आक्रोश उत्पन्न हो रहा है आने वाले समय में स्थानीय लोगों ने रेलवे आला अधिकारियों के खिलाफ अभियान छेड़ने की बात की है जिस तरीके से मोदी जी और रेल मंत्री रेल सुविधा बढ़ाने में लगे हुए हैं किंतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आला अधिकारी एवं पश्चिम मध्य रेलवे के आला अधिकारी कर्मचारी आदिवासी अंचल के यात्रियों को कष्ट पहुंचाने में लगे..!

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