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Thursday, December 22, 2022

ग्राम पंचायत सारसताल के रोजगार सहायक उमेद सिंह उददे ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मे जमकर मचाया भ्रष्टाचार







रोजगार सहायक की भ्रष्टाचारी रुकने का नाम नहीं ले रही है आखिर कब तक ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार चलते रहेगा जिम्मेदार अधिकारी कब तक कुंभकरण की नींद में सोते रहेंगे


दैनिक रेवांचल टाइम्स डिंडोरी--- आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के जनपद डिंडोरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सारसताल जो कि चारों ओर से पहाड़ियों से घिरी हुई है, अगर इसे जनपद डिंडोरी का बैगा चक कहा जाए, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी! ग्राम पंचायत सारसताल के ग्रामीणों के द्वारा आरोप लगाए गए हैं, कि ग्राम रोजगार सहायक उमेद सिंह उद्दे के द्वारा शासन के सारे नियमों को दरकिनार करते हुए, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में भारी-भरकम भ्रष्टाचार किया गया है! ग्रामीणों के अनुसार रोजगार सहायक अपनी पत्नी, पिता एवं भाई इन सभी लोगों के नाम पर ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास बनवा रखा है, जबकि ग्राम के बहुत से ऐसे जरूरतमंद लोग हैं, जिनको आवास की सख्त आवश्यकता है! उन्हें इस योजना से वंचित रखा गया है! ग्रामीणों के अनुसार रोजगार सहायक उमेंद सिंह उद्दे के साथ सांठ गांठ करते हुये, प्रेमलाल नागेश जिसके नाम पर आवास योजना की राशि 25000 रुपए उसके भाई उत्तम लाल नागेश के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है, किंतु आज दिनांक तक उस जगह पर आवास का नामोनिशान भी नहीं बना है! जबकि प्रेमलाल नागेश वर्तमान में ग्राम पंचायत मुड़िया कला में निवासरत है! शासन की राशि का किस तरह से बंदरबांट किया गया है, इस बात का अंदाजा तो इसी से लगाया जा सकता है! अगर गंभीरता से इस विषय की जांच की जाये तो और भी काले कारनामे सामने निकल कर आ सकते हैं! ग्रामीणों की मानें तो रोजगार सहायक और ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों में खुद ठेकेदारी का कार्य भी करता है, जिसका जीता जागता सबूत पंच परमेश्वर का पोर्टल खुद अपनी जुबा बयां कर रहा है, जहां पर इसके चाहेते प्रहलाद ट्रेडर्स के नाम से बड़ी-बड़ी राशियों की बिलिंग हो रही है! यहां पर ना तो कोई अधिकारी भ्रमण करने के लिए आते है, और ना ही ग्रामीणों की समस्याओं पर संज्ञान लिया जाता है!


मजे की बात तो यहां है इसके पहले पूर्व में पदस्थ सचिव श्याम लाल यादव को पूरी जानकारी होने के बावजूद भी रोजगार सहायक का काला चिट्ठा सचिव द्वारा दबाए रखा गया और वर्तमान में पदस्थ सचिव लाल सिंह मार्को को भी पूरी जानकारी होने के बावजूद ना तो इन्होंने अधिकारी से चर्चा की ना शिकायत की और उन्होंने बोला कि मेरे कार्यकाल का तो है ही नहीं मुझे क्या लेना देना क्या एक जिम्मेदार पद में पदस्थ सचिव की कोई जवाबदारी नहीं बनती यह तो अपने आप में एक अहम सवाल है

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