मंडला 17 दिसम्बर 2022
आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चों को गुणवत्तायुक्त प्री प्राइमरी
एजुकेशन प्रदान करने के उद्देश्य से जिले के 10 आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इन
केंद्रों में टैबलेट एवं टीवी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कलेक्टर
हर्षिका सिंह ने नैनपुर विकासखंड के भटियाटोला में बनाए गए स्मार्ट आंगनवाड़ी
केन्द्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शिक्षा की नींव को
मजबूत करने स्कूल पूर्व शिक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है। इस दृष्टि से नवाचार के
रूप में जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट केन्द्र के रूप में विकसित किया जा
रहा है।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कहा कि जिले में 2 आंगनवाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट बनाकर नवाचार किया गया था जिसके बेहतर परिणाम
मिलने पर 10 और आंगनवाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट केन्द्र के रूप में
विकसित किया गया है। इस अवसर पर कलेक्टर ने केन्द्र के निर्माण में मिलने वाले
जनसहयोग के लिए संबंधितों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में जनपद सदस्य निशा
उईके, सरपंच कमला उईके, परियोजना
अधिकारी महिला बाल विकास श्वेता तड़वे, एसडीएम नैनपुर
प्रियंका वर्मा सहित संबंधित उपस्थित रहे।
शिक्षा में होगा तकनीकि का उपयोग
कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि स्मार्ट आंगनवाड़ी केन्द्रों
में स्कूलपूर्व शिक्षा के लिए तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। इन केन्द्रों में
प्राईवेट स्कूलों की तर्ज पर टैबलेट एवं टीवी सहित अन्य संसाधनों की उपलब्ध कराए
जा रहे हैं। देखकर सीखने का अपना एक अलग महत्व होता है। इस संबंध में विशेषज्ञों
द्वारा शिक्षा का मॉड्यूल तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्री प्राईमरी
एजुकेशन को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। आंगनवाड़ी
में मिलने वाली यह शिक्षा प्राथमिक स्तर में सहायक बनेगी। कलेक्टर ने कहा कि इस
संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा।
समुदाय की भागीदारी जरूरी
शुभारंभ अवसर पर उपस्थित ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कलेक्टर हर्षिका सिंह ने कहा कि नवाचार के रूप में प्रशासन द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों को स्मार्ट के रूप में विकसित किया गया है। आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे इन केन्द्रों के भवन तथा उपलब्ध सामग्री के रख-रखाव तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी समुदाय को स्वीकार करनी चाहिए। पेसा एक्ट के तहत प्रावधानित समितियों का लाभ लेते हुए केन्द्र को और बेहतर बनाने का प्रयास करें।
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