सर्दियों का मौसम आते ही ज्यादातर घरों में जरूरत से ज्यादा खाना बना लिया जाता है. क्योंकि सर्दियों में खाना ज्यादा देर तक ठीक बना रहता है और खराब नहीं होता. साथ ही बार-बार खाना बनाने का झंझट भी खत्म हो जाता है. लेकिन तमाम लोगों को आदत होती है कि बनी हुई सब्जी को जब भी खाना होता है उसे गर्म जरूर करते हैं लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि हर बनी हुई सब्जी को बार-बार गर्म करना आपकी सेहत के लिए नुकसान पहुंचा सकती है. क्योंकि दोबारा गर्म करने से सब्जियां धीरे-धीरे टॉक्सिक यानी जहरीली होने लगती हैं. जो सेहत के लिए नुकसानदायक साबित होती हैं.
इन सब्जियों को न करें दोबारा गर्म
सर्दियों के मौसम में जिन सब्जियों को दोबारा गर्म नहीं करना चाहिए उनमें पालक, सेलेरी, गाजर, शलजम, आलू, शकरकंद और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं. इन सब्जियों को एक बार बनाने के बाद दोबारा गर्म करके खाना आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है
क्यों दोबारा गर्म नहीं करनी चाहिए बनी हुईं सब्जियां
बता दें कि हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा जमीन के अंदर उगने वाली सभी सब्जियां जिनमें गाजर, शलजम, आलू जैसी सब्जियां शामिल हैं. इनमें नाइट्रेट अच्छी मात्रा में पाया जाता है. जब इन सब्जियों को फिर से गर्म किया जाता है तो इनमें नाइट्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है. जिससे शरीर को भारी नुकसान होने का खतरा भी बढ़ जाता है. बता दें कि नाइट्रेट दोबारा गर्म होने के बाद टॉक्सिक यानी जहरीला हो जाता है. साथ ही दोबारा गर्म करने के बाद कार्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज रिलीज होने लगती हैं. यानी ऐसे तत्व जो शरीर में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं के पनपने की वजह बन सकते हैं.
कभी न करें पालक को दोबारा गर्म
पालक की सब्जी को दोबारा गर्म नहीं करना चाहिए. क्योंकि इसमें आयरन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है. जब आयरन को अधिक गर्म किया जाता है तो ये ऑक्सिडाइज्ड होने लगता है. जब ऐसा होता है तो बहुत अधिक मात्रा में फ्री-रेडिकल्स बनते हैं, जो शरीर के अंदर जाकर कई जानलेवा बीमारियां पैदा करते हैं. जिनमें बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां भी शामिल हैं.
चावल को भी न करें बार-बार गर्म
फूड स्टैंडर्ड एजेंसी (FSA) के मुताबिक, चावल को पकाकर रूम टेंपरेचर पर छोड़ दिया जाए तो इसमें बकिल्लुस सेरेउस (Bacillus Cereus) नाम के बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं. जब चावल को दोबारा गर्म किया जाता है तो ये बैक्टीरिया मर जाते हैं लेकिन रीहीटिंग के दौरान पोर्स जनरेट करते हैं. ये पोर्स टॉक्सिक यानी जहर होते हैं जो फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों को पैदा करते हैं.

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