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Tuesday, December 20, 2022

नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे नाबालिक....खुद के साथ दूसरे की जान के साथ कर रहे है खिलवाड़...

 


रेवांचल टाईम्स - जिला प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद दुपहिया वाहन चलाने मे किशोर युवक युवतियों के बढ़ते हस्तक्षेप पर अभी तक रोक नही लग पा रही है, इसके पीछे जहां प्रशासन की अनदेखी को प्रमुख कारण माना जा रहा है, वही अभिभावको के गैर जिम्मेदाराना रवैए को भी नजर अंदाज नही किया जा सकता। इस प्रकार पूरी तरह जागरूकता के अभाव में किशोर युवक युवातियों के उन हाथो में वाहन दे दिये जाते हैं, जिनमें इस समय कलम व स्कूली पुस्तके होनी चाहिए मगर वह प्रशासन तथा परिजनों की उदासीनता के चलते खुलेआम दुपहिया वाहनों के हैड़लि पकडे घूमते हुए अपने साथ साथ दूसरों की जान को भी खतरे में डालते हुए देखे जा रहे है? इसी के परिणाम स्वरूप आए दिन दुपहिया वाहनो की सड़क दुर्घटना सुर्खियो मे बनी रहती है? इस तरह यह कहा जाए तो गलत नही होगा कि किशोर युवक युवतियों द्वारा बिना अनुभव व ड्राइविंग लाइसेंस के समूचे नगर मे "दुपहिया वाहनों को धड़ल्ले से दौड़ाया जाते हुए आसानी से देखा जा सकता है? गौरतलब है कि नगर मे इस तरह के वाहन चालको में दिन प्रति दिन वृद्धि देखी जा रही है, जिन्हें न तो ठीक से गाड़ी चलाने का अनुभव है और न ही उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस होता है? इतना ही नही इस प्रकार से मोटर साईकिले चलाने वाले कुछ बच्चों की स्थिति तो इस प्रकार से देखी जाती है कि जब वह मोटर साईकिल पर बैठे होते है तो उनके पैर ब्रेक तक नही पहुंच पाते है, इसके बाद भी वह दो दो लोगों को बैठाकर मोटर साईकिले दौड़ाते हुए

       आसानी से देखे जा सकते है? जिस प्रकार लाड प्यार से अपने मासूम बच्चों को अभिभाको द्वारा उपलब्ध कराई गई वाहन की सुविधा इन किशोर युवक युवतियों के लिए गंभीर खतरे का कारण बनती जा रही है? वही गौर करने वाली बात तो यह भी है कि जिस प्रकार से इस समय पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था में सुधार लाने की बात कहते है जहां तहां वाहन चैकिंग नाम पर लोगों के ऊपर चलानी कार्यवाही तो की जा रही है, मगर इसके बाद भी इस प्रकार से नाबालिग बच्चों को नगर की सड़को पर वाहन दौड़ाते हुए देखकर पुलिस की कार्य प्रणाली सबालों के घेरे में आने से इंकार करना जरा मुश्किल बात नजर आ रही है? इस संबंध मे कुछ स्थानीय लोगो से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि समय के बदलाव ने किशोर युवक युवातियों के हाथों से साइकिल का हैंडिल छीनकर उन्हें मोटर साइकिल के हैंडिल को पकड़ा दिया है जिसके कारण वह खुद की जिन्दगी तो दाव पर लगाते ही है, मगर दूसरे लोगों की जिन्दगी को भी खतरा पैदा करते हुए नजर आने से भी नही चूक रहे है? इस प्रकार से नगर में मासूमों द्वारा दौड़ाये जा रहे वाहनों के चलते पुलिस प्रशासन के साथ साथ उनके अभिभावकों की उदासीनता का परिणाम भी देखने मिल रहा है, इस बात की सच्चाई गत दिवस स्थानीय जबाहर कृषि मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देखने मिला जब दो मासूम बच्चे इस प्रकार से दो पाहिया गाड़ी को दौड़ाते हुए देखे गये जिनके पैर गाड़ी पर बैठने के बाद जमीन तक, नही पहुंच पा रहे थे।

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