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रसोईया मांगों को लेकर 7 से आ गये आरपार आंदोलन में



रेवांचल टाईम्स - मंडला, मध्यप्रदेश रसोईया उत्थान संघ  समिति के आवाहन पर मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोईया नियमितीकरण की वर्षों पुरानी मांग को लेकर 7 दिसंबर से आर पार आंदोलन के मूड में आकर कलेक्ट्रेट मंडला के पास आ गये हैं।

        संघ समिति के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ प्रसाद साहू ने जारी विज्ञप्ति में बताया है,कि नौकरी पक्की कराने और रोजगार सुनिश्चित कराने साथ ही परिवार के भरण पोषण के काबिल सम्मानजनक मानदेय दिलाए जाने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों म़े मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोईया.7 दिसंबर से आरपार के आंदोलन करने जिला मुख्यालय आकर डेरा डाल दिये हैं।इस दिन दोपहर 11 बजे मंडला कलेक्ट्रेट के पास जिले भर के रसोईया एकत्र होकर सरकार से मांग कर रहे हैं।ये मांग पूरी होते तक धरने पर बैठे रहेंगे।8 दिसंबर को मानव श्रंखला बनाकर एकता दिखाकर सरकार का घेराव करने का संदेश देंगे।9 दिसंबर को नगर के सभी मुख्य मार्गों से होते हुए रैली कर शक्ति प्रदर्शन.के साथ सरकार के नाम अल्टीमेटम और ध्यानाकर्षण ज्ञापन सौपकर जायज मांगों की ओर सरकार का ध्यान अविलंब आकर्षित कराना चाहेंगे।रसोईया संघ समिति मध्यप्रदेश के संयोजक पी.डी. खैरवार ने सरकार से मांग की है,कि प्रदेश में लगभग चार लाख रसोईया पैंतीस सालों से बहुत ही कम मानदेय पर अपना पूरा समय देते आ रहे हैं। अन्य काम करने में समय बिलकुल भी नहीं दे पाते हैं।जिससे कि इनको अतिरिक्त कमाई हो सके।रसोईया का काम भी साल के आठ महीने ही मिल पाता है।दो महीने गर्मियों के समय काम से अलग कर दिया जाता है।जिस दौरान कोई अन्य काम कर लाभ अर्जित नहीं किया जा सकता।

कभी भी काम से अलग कर देने का नियम बंद हो,सरकारी स्कूलों को बंद न करे सरकार

खैरवार ने रसोईयों की ओर सै मांग की है,कि 

कम दर्ज संख्या होने या स्कूलों को बंद और मर्ज करते जाने के सरकारी नियमों के कारण रसोईयों को बड़ी संख्या में काम से अलग कर दिया जा रहा है।जिसके कारण उन पर रोजीरोटी का संकट खड़ा हो जाता है।अनावश्यक रूफ से स्कूलों को बंद किये जाने का सिलसिला सरकार बंद करे।इस तरह रसोईयों को काम से आलग नहीं किये जाने की भी मांग की गई है।

काम सरकारी पैसा सरकारी तो नौकरी भी सरकारी हो

मांग यह भी की गई कि जब मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम सरकारी काम है,तो मध्यान्ह भोजन बनाकर खिलाने वाले रसोईयों को भी सरकारी नौकरी होनी चाहिए।

कब तक होगा यह धरना प्रदर्शन का दौर बंद

रसोईयों ने चिंता जताई है,कि पैंतीस सालों से धरना प्रदर्शन और हड़ताल ज्ञापन करते बीत गये।बहुत रसोईया मांग करते करते ही जिंदगी खत्म कर दिये, पर मांग पूरी नहीं कर पा रही है सरकार।अब सवाल यह भी खड़ा होने लगा है कि अब और कितने दिन इस तरह.हड़ताल करना पड़ेगा जब सरकिर मांग पूरा करेगी।।संगठन  प्रदेश कमेटी की ओर से जयंती  अहिरवार,सुरेश बघेल,गनपत छांटा,अमरवती धुर्वे,कुंवर सिंह मरकाम,बृहस्पति, कुसमा, गोमती, बसंती, सुमंत्रा,सुमंत्री,गायत्री प्रीति,सुमंत्री सहित सभी ने सभी जिलों के रसोईयों को 8 और 9 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचने की अपील की  है।यह भी कहा गया है,कि अपने साथ गरम कपड़े,ओढ़ने बिछाने के कपड़े और कम से कम तीन दिन के लिए खाने की व्यवस्था करके आएंग़े।

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