रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में अधिकारी राज के साथ साथ बाबू राज भी नही थम राह है दफ्तरों में सालों से अपनी बरगद के पेड़ की तरह अपनी जड़ें जमाये सालों से बैठे अधिकारियों के बाबू अपने आप को किसी अधिकारी से कम भी नही समझते है जो उन्हें अच्छा लगता है या जब तक उनको उनके मुताबिक सेवा शुल्क नही मिल जाती तब तक आपकी मज़ाल है कि आप किसी योजनाएं के बारे में जानकारी जान ले या कुछ पूछ लें जबकि सरकार का नियम है किसी अधिकारी या कर्मचारी एक सीट एक समय के बाद स्थानातरण कर दिया जाता है पर मंडला जिले ये नियम लागू नही होता है सालों से अधिकारी और कर्मचारी स्थानंतरण के बाद भी अपनी कुर्सी नही छोड़ रहे है। वही जानकारी के अनुसार बंद नल जल योजना की जानकारी सूचना के अधिकार में नही दे रहा हैं। विभाग
लोक स्वस्थ यांत्रिकी विभाग उपखंड नैनपुर में 181 बना मजाक बन चुका है। और बंद नल जल योजनाओं में phe विभाग द्वारा जमकर घोटाला किया गया हैं। विभाग के जानकार बता रहें हैं। की जो पुरानी नल जल योजना थीं। और कुछ चालू थी। उन ग्रामों में भी पदस्थ सहायक यंत्री और उपयंत्री के द्वारा जमकर घोटाला किया गया था। और उन को उखड़ कर उनकी जगह नई जल जीवन मिशन के तहत करोड़ो की राशि आंबटन की गई हैं। ऐसी अनेक ग्राम पंचायत है। जिन ग्राम पंचायतों में ऐसा किया गया है। और शासन के पैसों की होली खेली गई है। और sdo और उपयंत्री ने इन योजनाओं से लाखों का कमीशन कामाया है। पूर्व में जब नल जल योजना और जल जीवन मिशन की सीएम हेल्प लाइन में शिकायत की गई तो अधिकारियों के द्वारा शिकायत कर्ता पर दबाब बना कर शिकायत को बंद करवा दिया गया हैं। वही जब सूचना के अधिकार में जानकारी मांगी जा रही है। तो जानकारी भी प्रदान नही की जा रही है। जिससे साफ और स्पष्ठ हो जाता है। कि खेल कितना बड़ा है। और इसके तार कहा तक जुड़े हैं।
सहायक यंत्री के कार्यालय में जमकर हुआ गोलमाल होनी चाहिये जाँच,
वही नैनपुर विकासखंड के ग्रामीणों ने अपना दर्द बतया की उपखंड में वर्षों से पदस्थ उपयंत्री और सहायक यंत्री के द्वारा नल जल योजना और जल जीवन मिशन में जमकर घोटाला और गोलमाल किया गया है। जिसमें दोंनो अधिकारियों की उच्चस्तर की जाँच होनी चाहियें और इनके बैंक खाते और इनके परिवार के बैंक खातों की जाँच होनी चाहियें । वही दोंनो अधिकारियों ने विगत वर्षों से बंद नल जल योजनाओं के नाम पर जमकर फर्जी बिल बाउचर लगा राशि का आहरण किया है। जिसकी उच्चस्तर की जाँच होनी चाहियें। जिससे शासकीय धन की होली खेलने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही और राशि की वसूली की जा सकें। मगर समझ से परे है। इतना बड़ा घोटाला शासन की नाक के नीचे विभाग के अधिकारी चला रहें हैं। और विभाग और शासन को खबर तक नही है। क्यों जोकि बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। वही अभी लगातार इनके द्वारा बंद नल जल योजना की परत खुलती है तो बड़ा खुलासा होने वाला है। अधिकारी सूचना के अधिकार में जानकारी प्रदान नही कर रहें है।

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