दैनिक रेवांचल टाइम अंजनिया साध्वी कल्पना माता जी द्वारा किया गया व्रत।18 दिनों तक नित्य अलग अलग 108 भोग अर्पित किये जा रहे थे।श्री यंत्र अर्चन की तयारी जोरो पर चल रही है
वरदान आश्रम अंजनिया में 24 दिनों से चल रहे अन्नपूर्णा व्रत का समापन श्रीयंत्र अर्चन , लक्ष्मी- नारायण अर्चन एवं भण्डारा के साथ किया जाना है जिसकी तैयारी जोरों से चल रही है। यह व्रत मार्गसीर्ष कृष्ण पंचमी से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक चलता है पूर्णिमा को श्री विद्या जयंती के साथ इसकी पूर्णता होती है । इसके अंतर्गत कल्पवृक्ष बनाया जाता है जिसमे एक पात्र के अंदर अन्न रखकर पीपल की डाली, बरगद की डाली, धान की बाली, इत्यादि से कल्पवृक्ष बनाकर पूजन की जाती है।
नीलू महाराज जी ने बताया की श्री विद्या उपासको के द्वारा सामूहिक रूप से श्रीयंत्र का अर्चन किया जाएगा वरदान आश्रम के सदस्यों ने श्री विद्या अन्नपूर्णा जयन्ती के पावन पर्व में वरदान आश्रम अंजनिया में सुबह 9 बजे से भक्तों को दीक्षा दी गई।इसके उपरांत बालगोविंद एवं लक्ष्मी जी का अभिषेक हुआ अर्चन के बाद हवन एवं भंडारा का आयोजन हुआ जो रात्रि 8तक लगातार चल रहा था।साध्वी कल्पना माताजी ने पूरे अनुष्ठान के अनुभव शेयर किये एवं यज्ञाचार्य नीलू महाराज ने श्री विद्या तत्व पर अपने व्याख्यान दिये ।लोग अपने श्री यंत्र लाकर अर्चन किये।


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