नारायणगंज - मंडला जिले के विकास खंड नारायणगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत खुलेआम जगह जगह सट्टा पट्टी का काला कारोबार अभी भी रुका नहीं है कुछ समय पहले पुलिस प्रशासन ने कुछ छुटभैय्या लोगो पर चुतपुट कार्रवाई कर अपनी असफलताओं को छुपाने का जरुर काम किया और छुटभैय्या पर कार्यवाही कर खुद की पीठ थपथपाई परंतु बड़े स्तर पर अभी तक कुछ कार्रवाई नहीं हो पा रही हैं और सट्टा पट्टी लिखने वाले दलालों के हौसले और भी बुलंद हो गये है।
कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर जनता को किया जा रहा गुमराह,
पुलिस प्रशासन बीच-बीच में चुप-पुट कार्रवाई कर के वाहवाही लूटने की कोशिश करता रहता है परंतु अवैध कारोबार में लिप्त बड़े कारोबारी पर जब कार्रवाई की बात आती है तो प्रशासन चुप्पी साध लेता है अपनी नाकामी छुपाने के लिए प्रशासन नेताओं को मोहरा बनाते रहता है।
दलालों के होंसले बुलंद, पत्रकारों को देते हैं धमकी,
पुलिस की मिली शह के कारण आज सट्टा पट्टी लिखने वाले दलाल पत्रकारों को खुलेआम धमकी देते नजर आते हैं समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों से इन दलालों और सट्टेबाजों को को हुए नुकसान से बचने के लिए यह पत्रकारों पर भी सवाल खड़े करने लग जाते हैं परंतु प्रशासन खुलेआम इनको संरक्षण प्रदान करता है।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक फंसे सट्टेबाजों के कब्जे में,
सट्टा पट्टी का काला कारोबार नारायणगंज क्षेत्र में मकड़ जाल की तरह फैल गया है जिससे स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन दलालों के चंगुल में फस कर अपना लाखों रुपए ख़राब कर देते हैं गांव में लोगों को कहना है कि पुलिस प्रशासन इन सट्टेबाजों और दलालों को सह देता है जिससे यह काला कारोबार समूचे नारायणगंज क्षेत्र में खुले आम रोशन हो रहा है औथ प्रशासन मूकदर्शक बना सब देख रहा है।
जिला प्रशासन बेखबर, स्थानीय प्रशासन लुट रहा मौज
जिला प्रशासन की नाक के नीचे नारायणगंज के स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में अवैध कारोबार चरम सीमा पर है परंतु जिले के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं स्थानीय प्रशासन दलालों और सट्टेबाजों को सह देकर अपने हिस्से की मलाई आराम से डकार रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्र की जनता में खासा आक्रोश है

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