रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले में इन दिनों मौषम में सर्दी है पर सट्टा का बाजार बहुत गर्म है और जिन हाथों को सामजिक बुराई रोकने की जो जिम्मेदारी दी है वह आज कल अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरत रहे है जिस कारण आज ग्रामीण अंचलों में सट्टा लिखने वाले और खाईबाज कि बाढ़ आई हुई हैं।
वजी जहाँ एक नारायणगंज क्षेत्र अंतर्गत सट्टा पट्टी का खेल खुलेआम चल रहा है , नारायणगंज के कई क्षेत्रों में सट्टा लिखा जा रहा है परन्तु पुलिस प्रशासन कारवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है लाखों रुपए लोग बाग़ सट्टा में उड़ा कर अपनी घर गृहस्थी बर्बाद कर रहे हैं।
सट्टे में फस कर बर्बाद हो रहे लोग...
मजदूर, कारीगर, ठेकेदार सब सट्टे में फंसकर बर्बाद हो रहे हैं। ये लोग एक के सौ करने के लालच में पूरी कमाई गंवा रहे हैं। परिवार में कोई बीमार हो, शादी हो, बच्चे का जन्म हो तो सूदखोरों से पैसा लेते हैं। इसके बाद सूदखोर इन्हें निचोड़ देते हैं।
क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ी...
क्षेत्र में कानून व्यवस्था इस तरह बिगड़ी है आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों को पुलिस का जरा भी भय नहीं है। नारायणगंज के अंतर्गत कई गांव में सट्टा लिखा जा रहा है। पहले तो कभी कभार एक-दो छोटे प्रकरण बनाकर खानापूर्ति कर दी जाती थी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी किसी प्रकार की मुहिम को अंजाम नहीं दिया जाता है। इस कारण सट्टा खिलाने वालो के हौसले बुलंद हैं। वे अपने काम को खुलेआम संचालित कर रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि पुलिस के संरक्षण के कारण इनका संचालन हो रहा है।
नजर चुराता पुलिस प्रशासन...
स्थानीय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन ने भी आंखें बंद कर ली है, नारायणगंज क्षेत्र के आसपास के गांवों में चल रहे अवैध कारोबार से कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं और बर्बादी की कगार पर है। स्थिति यह है कि नारायणगंज के आसपास के गांव जहां खुलेआम बालई पुल, चिरइडोगरी,भावल में सट्टा चल रहा है, क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार से प्रशासन नजर चुरा रहा है और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर रहा है।

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