हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष माना गया है और आज यानि 23 नवंबर को मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है. कहते हैं कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार पर हमेशा अपनी कृपा बनाए रखते हैं. अगर आप कुंडली में पितर दोष से परेशान हैं तो मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय अवश्य अपनाएं. यह उपाय आपको पितृदोष से मुक्ति दिलाएंगे.
जिस व्यक्ति की कुंडली में पितृदोष होता है उसे जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार पितृदोष की वजह से व्यक्ति को नौकरी या व्यापार में तरक्की न होना, विवाह में बाधाएं, संतान संबंधित परेशानियां, घर में अशांति और स्वास्थ्य संबंधी जैसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
अमावस्या के दिन अपनांए ये उपायअगर आप पितृदोष से छुटकारा पाना चाहते हैं तो मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद पितरों को श्राद्ध कर्म करें. इसके बाद ब्राह्मण को भोजन व दान भी अवश्य दें.
इसके अलावा अगर किसी जरुरतमंद या गरीब व्यक्ति की बेटी का विवाह हो रहा है तो उसमें अपनी सामर्थ्य के अनुसार मदद अवश्य करें. इससे भी पितृदोष का प्रभाव कम होता है.
अमावस्या के दिन दोपहर के समय पीपल के पेड़ पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करें. जल में दूध के साथ ही अक्षत, फूल और मिश्री मिलाना बेहद लाभकारी साबित होता है. इसके बाद चढ़े हुए जल को अपने नेत्रों पर लगाएं और फिर शाम के समय पीपल के पेड़ में दीपक जलाएं.
अमावस्या के दिन पितरों के नाम से फलदार, छायादार वृक्ष जैसे कि नीम, पीपल, आंवला, तुलसी का पौधा अवश्य लगाना चाहिए. इससे भी पितरों को शांति मिलती है.
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