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Wednesday, November 2, 2022

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही के चलते नाकाम साबित हो रहे हेंडवाश स्टेंड

 




अनेक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल और  शासकीय भवनों पर बने हेंडवाश स्टेंड अनुपयोगी

संख्या वृद्धि और खानापूर्ति तक सीमित रही यह योजना, सरकार के खजाने में करोड़ों की जप्त


रेवांचल टाइम्स डिंडोरी    जिला मुख्यालय से लेकर तहसील सभी जगह हैंड वॉश स्टैंड बेकाम साबित हो रहे हैं और जनपद मुख्यालय बजाग अंतर्गत  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा अनेक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल और शासकीय भवनों में स्वच्छता अभियान के तहत हेंडवाश स्टेंड बनाए गए हैं जो कि अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। संख्या वृद्धि और खानापूर्ति तक सीमित रही यह योजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर खरी नहीं उतर पाई है। जिसमें विभागीय अधिकारियों के द्वारा इस योजना का उपेक्षित किए जाने के चलते अनेक स्थानों पर यह हेंडवाश स्टेंड बेकाम पड़े हुए हैं। 


आपको बता दें कि जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत सैकड़ों की संख्या में बने ये हैंड वॉश स्टेंड बेकाम पड़े हुए हैं जिसमें विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाना लाजिमी है। आपको बता दें कि जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत घोपतपुर के छींदी टोला आंगनवाड़ी केन्द्र में जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2021 में वाटर सप्लाई और हैंड वॉश स्टेंड को सिर्फ शोपीस बनाकर छोड़ दिया गया है जबकि स्थानीय बच्चे आज तक इसका कोई उपयोग नहीं किया गया है। ऐसा नहीं है कि ये कोई पहली जगह है जहां हैंड वॉश स्टेंड दुरूपयोगी साबित हो रहे हैं बल्कि ऐसे अनेक स्थानों पर हेंडवास स्टेंड सिर्फ खानापूर्ति करने के लिए बनाए गए हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत पिपरिया, आमाडोंगरी, सरवाही, अंगई, भुरसी, बोंदर जैसे अनेक पंचायतों की आंगनवाड़ी केन्द्र, पंचायत परिसर, उचित मूल्य दुकान, सहित अनेक स्थानों पर इस तरह के स्ट्रेक्चर सिर्फ खानापूर्ति और कमीशनखोरी करने के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा बनाए गए हैं। जो बिना किसी उपयोग के बनाए गए यह कार्य विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं कि अनेक स्थानों पर पानी की व्यवस्था ना होने के बाद भी आखिर शासन को चूना लगाने के इरादे से क्यों बनाया गया है और जबरन सरकार के खजाने पर सेंध मारी की गई है। प्रशासन इस तरह की अनियमितताओं को संज्ञान में लेकर इस तरह की अनियमितताएं बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करे तथा इस अनुपयोगी स्ट्रेक्चर पर सुधार कार्य कराया जाना चाहिए।

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