रेवांचल टाईम्स - जिले के कुम्हार समाज के लोगों द्वारा लगातार पिछले दो वर्षों से भसुआ (बारीक) रेत की मांग की जा रही है जो बर्तन, कवेलू ईंट आदि बनाने के लिए उपयोग में आती है। परंतु जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई और न ही कोई उचित कदम उठाया गया। इस पर कुम्हार समाज के लोगों में जिला प्रशासन के प्रति काफी अक्रोशित देखा गया जिसके चलते आज कलेक्टर कार्यालय के सामने ही सैंकड़ों की संख्या में धरना देकर बैठ गए। लगातार दो घंटे से ज्यादा जिला प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी कर अपनी मांगों को पूरी करवाने की मांग करते रहे। कुम्हार समाज के युवा जिलाध्यक्ष मंगलेश चक्रवर्ती द्वारा बताया गया की कुम्हारों के लिए मध्य प्रदेश गौंड खनिज अधिनियम 1996 में प्रावधान है कि बर्तन ईंट आदि के निर्माण के लिए रेत और मिट्टी का बिना रॉयल्टी के मुफ्त उत्खनन कर परिवहन करने की अनुमति है परंतु रेत ठेकेदारों की मनमानी और जिला प्रशासन की मिलीभगत से खनिज विभाग द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के चलते कुम्हारों को अपने व्यवसाय में रुकावट पैदा हो रही है जिसके कारण हमारे लोगों में बेरोजगारी और भुखमरी बढ़ रही है। कुम्हार समाज का एकमात्र व्यवसाय मिट्टी के बर्तन ईंट आदि निर्माण करना है पर वर्तमान में रेत न मिलने के कारण व्यवसाय ढप पड़ गया है। साथ ही चेतावनी दी गई की जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं की गई तो आगामी दिनों में हजारों की संख्या में समाज के लोग उग्र आंदोलन प्रदर्शन करेंगे। धरना प्रदर्शन में अखिल भारतीय प्रजापति कुंभकार महासंघ मंडला के सभी सदस्य, जिला चक्रवर्ती संघ के सभी सदस्य व सैंकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
कुम्हार समाज के लोगों में दिखा आक्रोश भसुआ रेत की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने दिया धरना...
bydigital bharat
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