जबलपुर।पूरे मध्यप्रदेश में खाद की कमी की खबरें आए दिन देखने मिल रहीं है तो अब जबलपुर में भी खाद नही मिलने से किसान काफी परेशान हैं,जिले के ग्रामीण इलाकों में खाद वितरण केंद्रों से किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है,डबल लॉक गोदामों में किसानों की लंबी लंबी कतारें लग रही और पूरा दिन धूप खड़े होने के बाद भी किसानों को खाद नही मिल पाती और वे खाली हाथ वापिस लौट रहे हैं,सिहोरा में खाद वितरण केन्द्र में भीड़ इतनी बढ़ी की पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा तो वहीं शहपुरा में खाद न मिलने से नाराज किसान एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए विरोध किया,जिले के अलग अलग क्षेत्रों से इस तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं जहां किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है,वही किसानों का कहना है की सरकार द्वारा सिर्फ यह आश्वासन दिया जा रहा है की खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी लेकिन जब फसल को खाद की जरूरत है तब खाद नही मिल पा रही है,वहीं इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारी जिले में भरपूर खाद होने की बात कह रहे हैं।
डीएपी का रैक पहुंचते ही में उमड़ी किसानों की भीड़
रबी सीजन में गेहूं की बोवनी के लिए डीएपी- यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है। शनिवार को विपणन संघ (डबल लॉक) सिहोरा के गोदाम में डीएपी का रैक पहुंचते ही किसानों की किसानों की भारी भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी। 4 और 5 नवंबर को जिन किसानों के नाम लिस्ट में थे उसी क्रमानुसार किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में डीएपी का वितरण किया गया। वही यूरिया के लिए अभी किसानों को सोमवार या मंगलवार तक का इंतजार करना पड़ेगा। मालूम रहे कि 10 दिनों से डबल लॉक में डीएपी और यूरिया कास्ट आफ पूरी तरह खत्म हो गया था वही किसान एक-एक बोरी डीएपी और यूरिया के लिए हालाकान थे।
जानकारी के मुताबिक सिहोरा स्थित के गोदाम में डीएपी का एक रैक शुक्रवार को ही पहुंच गया था। शनिवार को एक रैक पहुंचने की खबर लगते ही किसान डबल लॉक के गोदाम पहुंच गए। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पहले ही कृषि विभाग के अधिकारी और पुलिस का अमला डबल लाके के गोदाम में मौजूद था। चार और पांच नवंबर को जिन किसानों के नाम लिस्ट में थे उन किसानों को क्रमानुसार डीएपी का वितरण किया गया।
75 टन डीएपी पहुंची डबल लॉक में
जानकारी के मुताबिक डबल लाख के गोदाम में 75 टन डीएपी का रैक पहुंचा था। क्रमानुसार करीब 200 से अधिक किसानों को डीएपी किसानों को वितरित की गई। साथ ही यूरिया का भी एक ट्रक वितरण के लिए विपणन संघ के गोदाम में आ गया था, लेकिन किसानों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यूरिया का वितरण सोमवार से किसानों को क्रमानुसार किया जाएगा।
किसानों का आरोप डीएपी की क्वालिटी सही नहीं, बोरी से बैच नंबर गायब
डबल लॉक की गोदाम में किसानों के वितरण के लिए पहुंचा डीएपी का रैक सही नहीं होने का आरोप किसानों ने लगाया किसानों का कहना था कि डीएपी की बोरी में संबंधित कंपनी का बैच नंबर तक नहीं है। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश भी देखा गया।
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ने मौके पर लिए डीएपी के सैंपल
किसानों द्वारा डीएपी की क्वालिटी की क्वालिटी सही नहीं होने को लेकर सिहोरा के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी जेएस राठौर ने डीएपी की सैंपलिंग कराई। संबंधित डीएपी की सैंपलिंग को जबलपुर भेजा जाएगा जहां इसकी क्वालिटी की जांच होगी।
क्या कहते हैं किसान...
वर्तमान रबी के सीजन में रासायनिक खाद की कमी की वजह से किसान लगातार परेशान हो रहा है और शासन से लगातार किसानों को खाद उपलब्ध कराने की बात पहुंचाई जा रही है लेकिन शासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा।शासन ने सिर्फ यह कहकर के किसानों को भरोसा दिलाया है की जल्द ही खाद उपलब्ध होगी लेकिन जब खेती का समय निकल जायेगा तो फिर किसान उस खाद का क्या करेगा.....
रमेश पटेल, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
इनका कहना है..
जिले में पर्याप्त खाद की उपलब्धता है,जिले में 4500 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है तथा 2185 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है,जिले की सभी डबल लाक गोदामों और खरीदी केंद्रों में खाद पहुंचाया जा रहा है,किसानों के भीड़ लगने की समस्या के लिए टोकन सिस्टम भी लागू किया गया है।
एस के निगम,उपसंचालक कृषि विभाग।

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