रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में छत्रावासो का बुरा हाल है सरकारी धन की किस कदर होली खेली जा रही ये किसी से छुपा नही है। कोरोना काल के बाद से जिले की शिक्षा व्यवस्था चौपट हो चुकी है और छत्रावासो में रह रहे छात्रों का बुरा हाल है। देश का आज भविष्य आज खतरे में नजर आ रहा न ही जिले के संचालित छत्रावासो में भोजन ऐसा की जानवर को दिया जाता है भोजन के बाद पानी को मोहताज,रोशनी ऐसी की जुगनू जैसी,बच्चो का भविष्य संवारने वालो की राजकुमारी जैसी जिंदगी आदिवासी बहुल्य मंडला जिला में ऐसे ही एक तस्वीर ने झकझोर देने वाले मामले सामने आया मामा सरकार भांजियों की दुर्दशा देख रो पड़ेंगे सरकार का खजाना जनजाति का पहला हक बताते है खजाना जनजाति भांजियों पर कितना खर्च होता है बोलती तस्वीर देख रूह काप जाये सरकार के खजाना मात्र तिजोरी भरी जा रही है अफसर और इनके नुमाइंदो ने लूटा लूट मचाये है मंडला जिला के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत शासकीय कन्या आश्रम शाला मगरधा का 50सीटर आश्रम मे शनिवार को 18 बच्चे मिले जिला सदस्य के निरछण में झकझोरने वाला नजारा देखने मिला जली कच्ची रोटी, सुबह की बची दाल परोसी जा रही वही सब्जी भी बहुत कम मात्रा में,मीनू आधार पर भोजन नहीं दिया जाता सुबह दाल चाँवल, रात में सब्जी रोटी दिन की बची दाल य चांवल रात के भोजन में बच्चो परोसा जाता है बच्चो ने बताया सुबह नाश्ता में पोहा शाम को नाश्ता नहीं मिलता हम लोगो चार दिन से पानी भर जब खाना बनता एवं नहाते है पूछने पर बताये नहाने कपड़े धोने का साबुन दस रुपय वाला, तेल दस रुपय वाला मिलता है पर्याप्त नहीं है यह सब खुलासा जिला सदस्य के निरछण में हुआ जानकारी लगती ही राजकुमारी साहिबा दौड़ी भागी आते ही साहिबा मैडम एक ही बात बोली खा कर जाना सदस्य ने कहा कच्ची रोटी सुबह की दाल आश्रम में ऐसा ही खाना दिया जाता है साहिबा के हक्काबक्का उड़ गए बताया गया की बच्चो की खेल सामग्री भी नहीं मिली टीवी भी लगी है पर चालू नहीं होती शिवराज सरकार के राज में राजकुमारी जैसे जीवन जी रहे मामा की भांजियों को भविष्य अंधकारमय है पानी को मोहताज है, खाना जानवरो जैसा दिया जा रहा जिला सदस्य पुष्पा मरकाम ने कहा जब से यह अधीछिका आश्रम में पदस्थ है तब से अब तक के पूरी जाँच करवा जाँच प्रतिवेदन सबके समछ रखेंगी
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