रेवांचल टाईम्स - जिले अबैध शराब तस्करी रुकने का नाम नही ले रही शराब माफ़िया तो शराब की तस्करी कर दुकान से खुलेआम चार चक्के में कुचियो के घर तक छोड़ रहे पर इन्हें रोकने की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई है रोकने को छोड़ खुद ही इस अबैध व्यापार में लिप्त हो गया ज्यादा कमाई पड़ी भारी, वही मुख्यमंत्री ने जिन्हें अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी दी है, वही लोग शराब की तस्करी का काम कर रहे हैं। यह खबर सुनने में आश्चर्य होगा, लेकिन यह घटना सही है। मामला थाना क्षेत्र बम्हनी का है जहां शराब तस्करी करते हुए पुलिस आरक्षक और आबकारी कर्मी के पति को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है। लगभग एक लाख रुपए की शराब को जब्त कर संबंधितों के विरूद्ध धारा 34/2 के तहत कार्यवाही कर जेल भेजा गया।
वही जानकारी के अनुसार मंडला जिले के बम्हनी थानांतर्गत 21 पेटी अवैध शराब पकड़े जाने का मामला सामने आया हैं। जानकारी प्राप्त हुई है कि जिस गाड़ी में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही थी उस गाड़ी में पुलिस विभाग का स्टीकर लगा था, वहीं उस गाड़ी में पुलिस विभाग का एक आरक्षक और आबकारी विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी के पति बैठे हुए थे जो इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। बम्हनी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बम्हनी से ओमनी वेन में 21 पेटी शराब लेकर ग्वारा सप्लाई के लिए जा रही है जिस वाहन में इस शराब को ढो रहे हैं उस गाड़ी में पुलिस विभाग का स्टीकर लगा "हुआ है। पुलिस ने शराब की पेटी के साथ ओमनी वेन और दो आरोपी को गिरफ्तार कर उन पर आबकारी अधिनियम की धारा 34/2 के तहत मामला दर्ज किया गया।
बदनामी से बचने पुलिस ने मामला नहीं किया उजागर :
वही जिले में बड़ी जनचर्चा है कि बम्हनी पुलिस के द्वारा अवैध शराब सप्लाई करते हुए जिन्हें पकड़ा है उनमें से एक पुलिस आरक्षक है, वहीं दूसरा "आबकारी कर्मचारी का पति है। जो बम्हनी से ग्वारा मारुति ओमनी वेन में 21 पेटी अवैध शराब लेकर जा रहे थे जिसे बम्हनी पुलिस ने जप्त किया। पुलिस के द्वारा की गई कार्यवाही को बदनामी से बचने उजागर नहीं किया, जबकि पुलिस के द्वारा इस तरह की कार्यवाही जब की जाती थी तो मीडिया बंधू को सूचना देकर प्रेसवार्ता आयोजित कर जानकारी देती थी इसके अलावा पुलिस विभाग के द्वारा बनाये गये, सोशल ग्रुप में अपडेट किया जाता था। इसी तरह आबकारी विभाग भी अवैध शराब की कार्यवाही को मीडिया के संज्ञान में लाया जाता था, लेकिन अवैध शराब की सप्लाई करते हुए पुलिस आरक्षक एवं आबकारी विभाग में पदस्थ कर्मचारी के पति पकड़े गये हैं दोनों विभागों की बदनामी न हो इसलिए उन्होंने यह मामला उजागर नहीं किया। अब सवाल ये उठत कि जिन्हें मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सख्त निर्देश दिये थे कि अवैध कारोबार पर अंकुश लगायें और वही लोग इस कारोबार को अंजाम देंगे तो जिले में अवैध कारोबार पर विराम कैसे लग पायेगा?
इनका कहना
जिले में कोई भी व्यक्ति नशे का अवैध कारोबार. करेगा उसे पुलिस किसी भी हाल में नहीं छोडेगी। पुलिस कर्मी हो या आबकारी विभाग से जुड़े कर्मी उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही की जायेगी। जो आरोपी पकड़े गये हैं उनमें से एक आरक्षक है, वहीं दूसरा आबकारी विभाग में पदस्थ महिला कर्मचारी के पति हैं जिनके विरूद्ध मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
गजेन्द्र सिंह कंवर,
एडिशनल एसपी पुलिस अधीक्षक
कार्यालय जिला मण्डला


No comments:
Post a Comment