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Monday, October 3, 2022

शिकायत के बाद भी आखिर क्यों नहीं हो रही हैं। सिविल हॉस्पिटल नैनपुर में पुताई ठेकेदार और उपयंत्री पर कार्यवाही



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में आये दिन शिकायत हो रही है पर जिम्मेदारो ने कसम खा रखी है कि जिसको जो लगे वो करे केवल हमारी और हमारी जेब का ख्याल रखो वही शिकायत के बाद अनन फनन में दीवार को बीना घिसाई ही ठेकेदार कर रहा हैं। पुताई हॉस्पिटल विभाग के अधिकारियों की मिली भगत 

        नैनपुर नगर में 100 बिस्तर के हॉस्पिटल का निर्माण  किया गया कि नगर और छेत्र की जनता को लाभ मिल सके मगर शासन लाख चाह ले कि आम आदमी को अच्छी सुविधाओं से लबरेज रहें मगर उस विभाग के कर्मचारी और ठेकेदार चाहते ही नही की जनता को इसका लाभ मिले और उसका पूरा फायदा अधिकारी कर्मचारी और ठेकेदार मलाई खा कर जनता को भोगने के लिये छोड़ देते हैं। वही जनता सिर्फ चीखने और चिलनने के अलावा कुछ होता हैं। इसी तर्ज पर नैनपुर नगर में 100 बिस्तर का अस्पताल का निर्माण किया गया हैं। जिसकी गुणवत्ता तो उसके इंजीनियर भी नही बता सकते हैं। क्योंकि हॉस्पिटल की दीवार ऐसी की कोई जोर से एक मुक्का मार दे तो हॉस्पिटल की दीवार से आरपार हाथ निकल जाये वही लगतार घटिया निर्माण कार्य की खबर समाचार पत्र में प्रकाशित होती रहीं मगर अधिकारी और उपयंत्री ने एक नही सुनी और हॉस्पिटल की बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हुआ और 1 साल के अंदर ही नवनिर्माण भवन की हालत ऐसी हो गई कि  मरम्मत कार्य किये जा रहें हैं। इसी तर्ज पर हॉस्पिटल की पुताई की जा रही हैं। जोकि देखने लायक हैं। क्योंकि विभाग ने जिस ठेकेदार को ठेका दिया है। वो ऐसी पुताई कर रहा हैं। जोकि 1 माह भी नही टिक सकती हैं। 



 ठेकेदार दीवार को बिना घिसाई किये कर रहा हैं।  पुताई 


हॉस्पिटल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने ठेकेदार बिना दीवार की घिसाई किये ही पुताई कर रह हैं। दूसरी तरफ पेंट पपड़ी बनकर उधड़ने भी लगा है। जबकि पुताई हुये मात्र 3 दिन ही हुये हैं। जिस बात की जानकारी संवाददाता के द्वारा अधिकारी और कर्मचारियों से पुताई की लागत और उपयंत्री का नाम और ठेकेदार के नाम की जानकारी चाही गई तो कर्मचारी मौन साधना में चले गये हैं। वही विभाग कार्यवाही करने के बाजये ठेकेदार को खुलकर सहयोग कर रहा हैं। देखना है। कि क्या हॉस्पिटल विभाग उपयंत्री और ठेकेदार पर क्या कार्यवाही करता हैं। या एक बार मामला कमीशन के चक्कर मे शान्त होकर रह जाता है। 


इनका कहना हैं। 

      मेरे द्वारा 181 में शिकायत की गई हैं। मगर हॉस्पिटल के अधिकारियों को भी जानकारी दी गई थी मगर कोई कार्यवाही नही गई और पुताई  में उपयंत्री के साथ मिलकर जमकर घोटाला किया जा रहा हैं। 

                                       संजय कुमरे 

                                      शिकायतकर्ता

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