दैनिक रेवांचल टाइम्स - जिला पंचायत सिवनी में पदस्थ परियोजना अधिकारी अलफ्रेन ओमेगा पाल द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जांच हेतु की गई थी शिकायत
लगता है जनता की सेवा में पिछड़ गई सीएम हेल्पलाइन : मूक हो गया प्रशासन"
दैनिक रेवांचल टाईम्स –प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा चलाई जा रही सीएम हेल्पलाइन योजना को शासन प्रशासन में बैठे आलाधिकारी पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आये दिन भ्रष्टाचार के गम्भीर मामले सामने आ रहे हैं, जिनको लेकर जागरूक लोगों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी की जा रही है किंतु उसका निराकरण आज दिनांक तक ना हो पाना संदेहास्पद प्रतीत होता है। जिससे अधिकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध नजर आ रही है।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में की गई शिकायतों में लीपापोती कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला पंचायत सिवनी में देखने को मिला है, जहां पदस्थ परियोजना अधिकारी द्वारा शासन के लाखों रुपए बंदरबांट कर स्वयं के भक्षण में भर लिया गया है, जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की गई है, किंतु आज दिनांक तक उस शिकायत का निराकरण नहीं हो पाया है।
ज्ञात होवे की जिला पंचायत सिवनी में कार्यरत परियोजना अधिकारी अलफ्रेन ओमेगा पाल के द्वारा विगत समय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से सांठ-गांठ कर शिक्षकों के करीबन दो दर्जन से अधिक नियम विरुद्ध स्थानांतरण किए गए हैं। साथ ही संबल योजना के तहत बिना निविदा के गुणवत्ताहीन कार्ड बनाए गए हैं, वहीं करीबी जिले में उसी दर पर अच्छी गुणवत्ता में कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं, इसके अलावा इनके द्वारा स्वच्छ भारत मिशन में भी वित्तीय अनियमितता होने पर राशि वसूली भी हुई है। इस संबध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई, जिसकी जांच इनके स्वयं के द्वारा जांच अधिकारी की हैसियत से की गई है, और जांच में अपने आप को पाक साफ प्रमाणित किया गया।
सोचनीय विषय यह है कि नियमानुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इसकी जांच किसी अन्य अधिकारी से करवाना था, परन्तु ऐसा न करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा स्वयं की कार्यप्रणाली में प्रश्नचिन्ह लगा दिया हैं?
वहीं सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद करने हेतु अनुचित तरीके से अधीनस्थ अमले के कर्मचारियों द्वारा दवाब बनाया जा रहा हैं। जो की माननीय मुख्यमंत्री जी के महत्वकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में मूक होने का परिचय है। जबकि शिकायतो के निराकरण त्वरित गति से होने का उल्लेख है।

No comments:
Post a Comment