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Monday, September 26, 2022

प्रशासन के नाक के नीचे धड़ल्ले से हो रहा मुरुम खनन, जिम्मेदार मौन

 




दैनिक रेवांचल टाइम्स - सिवनी में खनिज विभाग की लापरवाही की वजह से मुरुम माफिया के हौसले बुलंद हैं. यहां लगातार मुरुम का अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी भी इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. थाना लखनवाड़ा क्षेत्र में अवैध मुरुम खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. मुरम माफिया बेफिक्र होकर बिना किसी डर के मुरुम का उत्खनन कर रहे हैं. इसके बावजूद इन माफिया को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. खनिज विभाग के अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं.


धड़ल्ले से हो रहा मुरुम खनन

जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मड़वा गांव में ग्राम पंचायत  के पूर्व सरपंच द्वारा अवैध मुरुम खनन कर परिवहन किया जा रहा है. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अवैध खनन करने पर विरोध करते हुए बोला कि यहां से मोरम नहीं ले जाने दिया जाएगा तो पूर्व सरपंच ने ग्रामीणों को अपनी पहुंच की जानकारी देते हुए  ग्रामीणों को धमकाते हुए बोला गया कि तुम्हें जो करना है आप कर लो मेरे द्वारा यह खदान से मुरम की खुदाई बंद नहीं होगी इसकी मंजूरी पटवारी के द्वारा मुझे दी गई है मुझे पटवारी के द्वारा बताया गया है  की मुरम की खदान नदी से लगी हुई जमीन पर है जिसकी ना पाई पटवारी के द्वारा की गई है ग्रामीणों के द्वारा जब पूर्व सरपंच से पूछा गया कि इस कॉलोनी में सीसी रोड का निर्माण क्यों कराया गया है पूर्व सरपंच के द्वारा ग्रामीणों को बोला गया कि यहां पर सीसी रोड का निर्माण मुरम खदान के लिए  सीसी रोड का निर्माण कराया गया था 


ग्रामीणों के द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि पूर्व सरपंच के द्वारा दो जेसीबी मशीन व 8से 10 ट्रैक्टर ट्रैक्टरों के द्वारा मुरूम का परिवहन किया जा रहा है अवैध रूप से मुरूम खदान बनाई गई है पहले यहां पर कोई खदान नहीं थी यह खदान जो बनाई गई है गांव से लगभग 40 से 50 मीटर की दूरी पर है जो नदी से लगी हुई है बरसात के मौसम में नदी गांव के अंदर आ जाता है और यह है खदान को दी जाएगी तो नदी का पानी गांव के अंदर घुसने की संभावना है खदान के बाजू से गांव के लोगों के मकान बने हुए हैं जो गरीब परिस्थिति के इनके उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं जो खाली पड़ी जमीन पर खेलते रहते हैं कभी भविष्य में बड़ा हादसा होने की संभावना है


पटवारी


इनका कहना है कि मेरे द्वारा पूर्व सरपंच को किसी प्रकार की मंजूरी नहीं दी गई है ना ही मेरे द्वारा नपाई की गई है

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