BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
सर्वपितृ अमावस्या, पितृपक्ष के आखिरी दिन गंगा स्नान से पितरों को होती है मोक्ष की प्राप्ति - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Sunday, September 25, 2022

सर्वपितृ अमावस्या, पितृपक्ष के आखिरी दिन गंगा स्नान से पितरों को होती है मोक्ष की प्राप्ति



हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्त है और इस दौरान 16 दिनों तक पितरों का पूरे विधान के साथ तर्पण किया जाता है. कहते हैं कि पितृपक्ष में यमराज 16 दिनों के लिए दरवाजे खोल देते हैंऔर फिर पितर अपने घर आते हैं. इन दिनों उनकी मृत्यु की तिथि के अनुसार उनका श्राद्ध व तर्पण किया जाता है. वहीं पितृपक्ष का अंतिम बेहद ही महत्वपूर्ण होता है और इसे सर्वपितृ अमावस्या या महालया अमावस्या भी कहा जाता है.
गंगा स्नान का है विशेष महत्व

सर्वपितृ अमावस्या 25 सितंबर 2022, रविवार को है और इस दिन सभी पितरों के नाम से श्राद्ध किया जाता है. साथ ही गलतियों के लिए माफी भी मांगी जाती है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं में पितृपक्ष के आखिरी दिन यानि सर्वपितृ अमावस्या के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है. कहते हैं कि इस दिन सभी पितृ गंगा पर जाते हैं और फिर वहां से अपने स्थान की प्रस्थान करते हैं. यदि इस दिन गंगा स्नान कर उनका तर्पण किया जाए तो वह प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. मान्यता है कि पितरों के आशीर्वाद से मनुष्य जिंदगी में हमेशा तरक्की करता है.
सर्वपितृ अमावस्या का महत्व

वैसे तो पितृपक्ष के पूरे 16 दिन बेहद ही महत्वपूर्ण होते हैं और प्रत्येक दिन पूर्वजों की मृत्यु की तिथि के अनुसार उनका श्राद्ध किया जाता है. लेकिन यदि किसी व्यक्ति को पूर्वजों की मृत्यु तिथि नहीं पता तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध किया जाता है. इस दौरान सभी पितरों का ध्यान कर उनका श्राद्ध करें और अपनी गलतियों के लिए माफी भी मांग लें. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वह तृप्त होकर अपने धाम को जाते हैं.


No comments:

Post a Comment