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Wednesday, September 7, 2022

नगर के पार्षद चुनाव के लिए भू माफ़िया पैसों के दम पर माँग रहा है सत्ता पक्ष से टिकिट...

 






रेवांचल टाईम्स - आगामी मंडला जिले में नगर पालिका मंडला, नगर परिषद बम्हनी बंजर, नगर परिषद निवास नगर पालिका नैनपुर और नगर परिषद भुआ बिछिया के चुनाव होने को है वही सभी जगह के चुनाव में भुआ बिछिया नगर परिषद के चुनाव में बड़ी ही उथल पुथल मची हुई एक तरफ सालों से पार्टी के लिए कार्य कर रहे कार्यकर्ता चुनाव के लिए तैयार बैठे हुए है वही दूसरी और लोगों को चुना लगा कर लाखों करोड़ों की लूट खसोट कर अब राजनीति में अपना जोर आजमाने वाले मैदान में नजर आ सकते स्थानीय लोगों में बड़ी जन चर्चा का विषय बना हुआ है.....वार्ड पार्षद के लिए बीजेपी से टिकट मांग रहा हैं भू-माफिया - कैलाश डेहरिया




भुआबिछिया आगामी दिनों में मध्यप्रदेश के तीन जिलों में होने वाले नगरपालिका चुनाव को लेकर राजनीति सरगर्मियां अभी से ही तेज हो गई हैं। राजनीतिक पार्टियों में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है बीजेपी, कांग्रेस, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी एवम् निर्दली उम्मीदवार अपने अपने वार्डो में लोगो के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। वही पार्टी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी, कांग्रेस, गोड़वाना गणतंत्र पार्टी ने नगर के कुछ वार्डो में उम्मीदवारों के नाम अंदर खाने फाइनल कर चुके हैं तो वही दूसरी तरफ कुछ वार्डो में जमकर खींचा तानी चल रही हैं इसी खींचा तानी के बीच वार्ड नंबर 04 से कैलाश डेहरिया भारतीय जनता पार्टी से टिकट मांग रहा हैं खास बात यह हैं इस व्यक्ति का वर्तमान सिर्फ एक भू-माफिया का है और ये व्यक्ति किसी भी तरह नगर परिषद् बॉडी का हिस्सा बनना चाहता है ताकि खुद के अवैध कामों को सुचारू रूप कर सके। 


 कौन है कैलाश डहरिया और क्या हैं इसका वर्तमान


आपको बता दे की यह व्यक्ति सिवनी जिले का निवासी है लेकिन लगभग 10-1२सालों से बिछिया में ही रह रहा हैं सूत्रों के मुताबिक यह व्यक्ति आज से 7,8 साल पहले छोटा-मोटा काम के साथ-साथ LIC एजेंट का काम भी करता था पर आज इसका वर्तमान एक भू-माफिया का हैं जो लगातार इसके द्वारा गरीब भोले-भाले आदिवासियों को बहला फुसलाकर और पैसे का लालच देकर, धन-बल के दम पर उनके कृषि भूमियों को निशाना बना रहा हैं ये भू-माफिया आदिवासी व्यक्ति नाम पर औने-पौने दामों में कृषि भूमि खरीद कर शासन-प्रशासन के नियमों को धज्जियां उड़ाते हुए। बिना रेरा अनुमति के अवैध आधे-अधूरे कालोनी बना कर प्लाटिंग कर उच्च दामों में बेचने का काम कर रहे हैं। अवैध कालोनिया होने के कारण राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा हैं। राजस्व नुकसान की वजह कही न कही स्थानीय प्रशासन है जो शिकायत करने के बाद भी कर्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती हैं। जिससे भू-माफिया का सह और बढ़ता जा रहा हैं अब नजर नगर परिषद् में हैं ताकि अवैध कामों को बिना परेशानी किया जा सके। ऐसे स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के स्थानी बॉडी हाईकमान इस भू-माफिया के उम्मीदवारी पर क्या विचार करेगी ये वाकई दिलचस्प होगी। मान लीजिए, बीजेपी ने वार्ड पार्षद उम्मीदवार के तौर पर इस भू-माफिया का नाम घोषित करती हैं तो यह बड़ा दुर्भाग्य ही होगा। क्योंकि जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश हाईकमान और प्रदेश सरकार के मुखमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासी समाज के हकों को लेकर जल,जंगल,जमीन की बात करते हैं और हर स्तर पर संरक्षण और हर संभव मदद करने की बात करते हैं जहां एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष प्रदेश के करोड़ों आदिवासियों को हक दिलाने बात करते हैं। वही दूसरी तरफ बीजेपी के स्थानी बॉडी प्रदेश हाईकमान के सभी बातों को दरकिनार कर भू-माफिया को वार्ड नंबर 04 से उम्मीदवार घोषित करना चाहती हैं।


भू-माफिया को वार्ड पार्षद उम्मीदवार घोषित करना, बीजेपी को दूरगामी नुकसान हैं?


इस पर नगर के बुद्धिजीवियो का कहना हैं कि अगर वार्ड नंबर 04 से भाजपा अपने चिन्ह पर

उम्मीदवार घोषित करती है तो वर्तमान और आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में नुकसान होना तय है क्योंकि इस व्यक्ति का वर्तमान सिर्फ एक भू-माफिया का है। साथ ही कांग्रेस को एक बड़ा मुद्दा मिल जाएगा और इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी उम्मीदवार आदिवासियों के बीच जाएंगे और यह बताने की कोशिश करेंगे की बीजेपी उसी व्यक्ति को अपना उम्मीदवार बनाया हैं जो आदिवासियो के जमीनों को धन-बल के दम पर हड़प कर प्लाटिंग कर बेच रहा हैं। अगर विपक्षी उम्मीदवार ये सभी बाते आदिवासियो को समझने में सफल रही तो बीजेपी को बड़े स्तर नुकसान हो सकती है।और इसका परिणाम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता हैं।


क्योंकि वर्तमान स्थिति बिल्कुल अलग है भारतीय जनता पार्टी के प्रति आदिवासी समाज में विश्वास बढ़ा हैं हमेशा से कहा जाता रहा हैं की आदिवासी समाज कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक है पर वर्तमान में ऐसा बिल्कुल भी नही हैं लगभग 50 से 60 प्रतिशत आदिवासी समाज के वोटो पर बीजेपी ने भरोसा कायम करने में सफल रही हैं इसका सीधा लाभ आगामी विधानसभा चुनाव 2023 में मिलेगा। अब ऐसे स्थिति में आदिवासियों को उनके कृषि भूमि से बेदखल करने वाले भू-माफिया को बीजेपी किस तरह पार्टी में जगह देगी ये कहना बड़ा मुश्किल है या हो सकता है की पार्टी पार्षद उम्मीदवार घोषित कर सम्मानित करे। पर एक व्यक्ति के चक्कर में आदिवासी वोटरो को बीजेपी किसी भी कीमत में नाराज नही कर सकती। वरना  2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के परिणाम भी हाल ही में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के परिणाम जैसा ही होगा। अब देखना होगा कि उठ किस करवट बैठेगा।


इनका कहना हैं


भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह की माफियाओं का समर्थन नहीं करती है बीजेपी लोकतांत्रिक  पार्टी है कोई भी व्यक्ति एक प्रक्रिया के तहत अपनी उम्मीदवारी पेश कर सकता है उसी प्रक्रिया के तहत कैलाश डेहरिया ने भी टिकट की मांग की है।


अजय पुरी गोस्वामी

मंडल अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी भुआ बिछिया जिला मंडला


"पार्टी किसी भी प्रकार के माफिया का समर्थन नहीं करती है। बैठक में चार नाम आए थे जिसमें कैलाश डेहरिया का भी नाम आया था अब पार्टी किसका नाम फाइनल करती है ये सब पार्टी के ऊपर है।


लेखन सिंह राजपूत

मंडल महामंत्री -भारतीय जनता पार्टी बिछिया जिला मंडला

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