रेवांचल टाईम्स - जनपद पंचायत नैनपुर के अधिकारी कार्यवाही करने के बाजये शिकायत बंद करने का बना रहे दबाब
Res के अधिकारियों से साठ गांठ कर बना पहले से बने नवीन तालाब के अंदर बना दिया अमृत सरोवर तालाब बना
कहते हैं। कि प्रदेश के मुखिया विकास करना चाहते है। मगर प्रदेश के मुख्यमंत्री की योजनाओं को विफल करने में उसके कर्मचारी कोई कमी नही कर रहें हैं। और शासकीय धन की होली जमकर खेल रहें और कि योजनाओं को उनके तक नही पहुँचने दे रहें अगर कोई ग्रामीणों की आवाज बनकर आता हैं। तो उसको अपराध या गंभीर शिकायतें में फसा दिया जाता हैं। जिसके कारण ग्राम की जनता शिकायत करने से भी डरती हैं। मगर ग्राम मुरली टोला में वर्ष 2018/19 में नवीन तालाब निर्माण कार्य लागत राशि 24 लाख 88 हजार मनरेगा के अंतर्गत निर्माण कार्य हुआ था। मगर पंचायत के द्वारा काम अधुरा छोड़ दिया और राशि का भी आहरण कर लिया गया जिसकी शिकायत ग्राम वासियों के द्वारा लागतार की जा रही थी जिसमें पंचायत के सरपंच और सचिव के द्वारा निर्माणधींन तालाब में पिचीग का कोई भी कार्य नही किया गया था। और तालाब का गेट भी नहीं लगया गया था । इस अधूरे तालाब निर्माण की शिकायत संजय कुम्हरे समाज सेवी और उमेश धुर्वे ने लिखित शिकायत जिला कलेक्टर मंडला और जनपद पंचायत नैनपुर सीईओ तथा एसडीएम कार्यालय नैनपुर को भी शिकायत की गई विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही होने कारण उसके सरपंच सचिव के हौसले के बाद काम शुरू किया गया और पिचिंग का काम तालाब का गेट भी बना दिया गया और रातों रात जेसीबी मशीनों के द्वारा तालाब के बांध के ऊपर मिट्टी डाला गया जेसीबी मशीनों के द्वारा तालाब में खुदाई हो रहा था सरपंच पति सीताराम गोंड खुद स्वयं मौजूद थे ग्राम वासियों के द्वारा मनरेगा के अंतर्गत जेसीबी मशीनों का विरोध किया गया सरपंच पति ने स्वयं जानकारी दी कि सीताराम गौड़ ने कहा जेसीबी मशीन अमृत सरोवर योजना से चल रही है।

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