दैनिक रेवांचल टाईम्स –सिविल अस्पताल केवलारी में व्याप्त अव्यवस्थाओं से क्षेत्र के लोगों में लगातार बढ़ रहा आक्रोश संवेदनहीन नजर आ रहे छेत्री जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकार शहीदे आजम भगत सिंह की जयंती में व्यवस्था परिर्वतन को लेकर युवाओं ने भरी हुंकार।
आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद आज भी लोग स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है । इस समय अंतराल में अनेक राजनीतिक दलों पर लोगों ने विश्वास जताया, उन्हें सत्ता की गद्दी में बिठाया किंतु वह लोगों के विश्वास पर खरे नहीं उतरे, हर राजनेतिक दल के नेता स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मंचो से लंबी-चौड़ी बातें अवश्य करते है । लेकिन चरमराई स्वास्थ्य सेवा के कारण स्वास्थ्य केंद्र बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले सिविल अस्पताल केवलारी इसका जीता जागता उदाहरण है। जिसकी बदहाली के कारण इस क्षेत्र के लोगों को निजी क्लिनिकों पर निर्भर रहने को विवश होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब अस्पताल खुद ही बीमार है तो यहां लोगों का इलाज कैसे संभव हो पाएगा। डिजिटल इंडिया, स्कील इंडिया, स्मार्ट इंडिया, हेल्थ फॉर ऑल, आयुष्मान भारत जैसी विभिन्न योजनाओं के बीच लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवा तक उपलब्ध नहीं होना जनता के रहनुमाओं को आईना दिखाने के लिए काफी है। लापरवाह व हांफती स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते मजबूरी में लोग निजी क्लिनिक व निजी चिकित्सक के शरण में जाने को मजबूर हैं। जहां गरीबों के शोषण में कोई परहेज नहीं किया जाता है। सिविल अस्पताल केवलारी में लंबे समय से पर्याप्त चिकित्सको की नियुक्ती नहीं की गई हैं। सो बेडो के अस्पताल में एक भी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है ,ना ही महिला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक एवं शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति है । दुर्भाग्य की बात है कि क्षेत्रीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते पूर्व में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भी रह चुके हैं इसके बावजूद उनके संसदीय क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल है । इन अव्यवस्थाओं के चलते लोग असमय काल के गाल में समा रहें हैं । क्षेत्र के परेशान लोगों द्वारा अनेकों बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया, एवं बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सिविल अस्पताल केवलारी आय दिन अखबारों की सुर्खियों में रहता है इसके बावजूद जिम्मेदारों द्वारा सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है । जिससे आक्रोशित होकर आज दिनांक 28/09/2022 को महान क्रांतिकारी, युवाओं के प्रेरणा स्रोत शहीद ए आजम भगत सिंह की जन्म जयंती पर केवलारी क्षेत्र के युवाओं ने मोर्चा संभाला और स्वास्थ्य सुविधाओं के में सुधार करने के लिए एक दिवसीय विशाल धरना आंदोलन एवं एसडीएम कार्यालय का घेराव करने का आगाज किया । जिसमें सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र के युवाओं ने भागीदारी ली एवं कुंभकारणी नींद में सो रहे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया गया । आपको बता दें कि क्षेत्र के युवा चांदनी चौक स्टेट बैंक बाजू में एकत्रित हुए एवं वहां से नारे लगाते हुए पैदल मार्च कर एसडीएम कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा जहां से युवाओं को स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार का आश्वासन मिला है । केवलारी क्षेत्र की युवा इकाई का कहना है कि यदि 1 माह के अंदर सिविल अस्पताल केवलारी की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो वह केवलारी बंद एवं चक्का जाम जैसी उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य रहेंगे ।
लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं स्वास्थ्य कर्मी
केवलारी क्षेत्र के युवाओं का कहना है कि केवलारी सिविल अस्पताल में ऐसे अनेक स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं जिनकी पदस्थापना हुए एक अरसा बीत गया है ,उनका किसी अन्य स्थान पर तबादला नहीं किया गया ! जिससे उनके क्षेत्रीय सत्ता एवं विपक्ष के नेताओं से मधुर संबंध है एवं संबंधित उच्च अधिकारियों से तालमेल के चलते अपने कार्य क्षेत्र में मनमानीयों को अंजाम देते हैं । युवाओं की मांग की सर्वप्रथम लंबे समय से पदस्थ स्वास्थ्य कर्मियों की पदस्थापना अन्य स्थानों में की जाए की जानी चाहिए जिससे निश्चित अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा ।
विभिन्न सामाजिक संगठनों का मेला समर्थन
युवाओं के इस स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था परिवर्तन के आंदोलन को केवलारी सामाजिक संगठनधर्म रक्षा सेना, अधिवक्ता संघ केवलारी, व्यापारी संघ केवलारी, पत्रकार परिषद संघ केवलारी का समर्थन मिला ।

No comments:
Post a Comment