जब भी घर में कोई पूजा होती है तो सबसे पहले कलश की स्थापना होती है. लेकिन कभी भी कलश को खाली नहीं रखा जाता. कलश के नीचे गेहूं या चावल के दाने और कलश के अंदर एक सिक्का डाला जाता है. वही कलश के ऊपर नारियल जरूर रखा जाता है और उस नारियल के चारों तरफ आम के पत्ते लगाए जाते हैं. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि कलश के ऊपर नारियल क्यों रखा जाता है. आज का हमारा लेख इसी विषय पर है. आज हम आपको अपनी इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि कलश के ऊपर नारियल रखने का क्या महत्व है.
कलश पर नारियल क्यों रखते हैं?
- बता दें कि शास्त्रों के अनुसार, नारियल को श्रीफल भी कहा जाता है. श्रीफल लक्ष्मी जी का फल है. ऐसी मान्यता है कि जब भगवान विष्णु पृथ्वी पर प्रकट हुए तो वह अपने साथ लक्ष्मी जी के अलावा कामधेनु गाय और नारियल का वृक्ष लेकर आए थे. यही कारण है कि नारियल को लक्ष्मी का अति प्रिय माना जाता है और इस फल को हर पूजा में इस्तेमाल किया जाता है.
- एक मान्यता यह भी है कि नारियल के अंदर त्रिदेवों का वास यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास है. ऐसे में जब भी घर में कोई शुभ काम होता है तो नारियल को सबसे पहले स्थान दिया जाता है.
- मान्यता है कि भगवान शिव को भी नारियल अति प्रिय है. नारियल पर दिखने वाले तीन बिंदु शिवजी के तीन नेत्रों को प्रदर्शित करते हैं.
- एक मान्यता यह भी है कि गुरु बृहस्पति का कारक नारियल है. ऐसे में जब कलश के ऊपर इसे रखा जाता है तो गुरु बृहस्पति भी बेहद ही प्रसन्न होते हैं और उनकी दृष्टि हम पर बनी रहती है. इनके प्रसन्न होने से ना केवल घर में समृद्धि आती है बल्कि जीवन में गुरु की कृपा भी बनी रहती है.
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