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Saturday, September 17, 2022

भारत की धरती पर अब 75 साल बाद चीता फिर से लौट आया है, मुझे कुनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का मिला सौभाग्य...

 


रेवांचल टाईम्स - मुझे आज इस बात की भी खुशी है कि भारत की धरती पर अब 75 साल बाद चीता फिर से लौट आया है, मुझे कुनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने का सौभाग्य मिला है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने स्वागत भाषण में कहा कि श्योपुर छोटा जिला है लेकिन प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण है।आज सबके लिए प्रसन्नता की बात है कि वनाच्छादित इस परिक्षेत्र में गरीब-किसान-महिलाओं से मिलने दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता मोदीजी पधारे और आजादी के अमृत महोत्सव में आज चीतों की बहुत बड़ी सौगात दी है। श्री तोमर ने कहा कि बरसों पहले यहां के गांवों के लोगों को अभयारण्य बनाने के नाम पर विस्थापित कर दिया गया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी से मैंने श्योपुर पधारने का आग्रह किया था, तब मोदीजी ने कहा था कि वे चीतों के साथ ही श्योपुर पहुंचेंगे। आज इंतजार की घड़ियां समाप्त हो गई और मोदी जी ने कुनो में चीतों का पुनर्स्थापन कर दिया। जब चीते कुनो लाने की कल्पना प्रधानमंत्री जी के मन में आई, तब कुनो के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र को और प्रतिष्ठा दिलाने का भाव उनमें था, आज इसके पूर्ण होनेसे श्योपुर का घर-घर उल्लास से भरा हुआ है। ग्वालियर चंबल संभाग सहित देशभर के लोग कुनो में चीतों के आगमन पर प्रसन्नता से झूम रहे है। पीएम द्वारा चीता सेंचुरी का प्रारंभ हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। श्री तोमर ने पीएम श्री मोदी को उनके जन्मदिन परजनता की ओर से बधाई दी।

श्री तोमर ने कहा कि क्षेत्र में सहरिया आदिवासियों की बड़ी संख्या हैं, जो जीवन में बदलाव का इंतजार कर रहे थे, यह साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में गरीबों के जीवन स्तर में बदलाव लाने का काम किया जा रहा है, उन्हें कुपोषण से उबारा गया है। एक हजार रु. प्रतिमाह आदिवासी बहनों को देने से भी लाभ हुआ है। प्रदेश में एसएचजी केलाखों सदस्य हैं, वहींदेश में 74 लाख से ज्यादा एसएचजी काम कर रहे हैं। श्योपुर की बहनें बड़ी संख्या में एसएचजी से जुड़ी हुई है। श्री तोमर ने कहा किकोविड से निपटने के लिए सबने सामर्थ्य अनुरूप सहयोग के हाथ आगे बढ़ाएं, तब श्योपुर की बहनों ने 50 हजार ली. सैनेटाइजर केसाथ ही बड़ी संख्या में मास्क व पीपीई किट बनाने का काम किया। बहनों ने सार्वजनिक रसोई चलाई और गांवों में आशा कार्यकर्ताओं व आंगनवाड़ी बहनें भी काम करती रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चीतों की सौगात से क्षेत्र व जनता की तकदीर बदलेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, पर्यटन व्यवसाय बढ़ेगा। यहां सरकार विशेष सुविधाएं देगी। अब एक नहीं, कई दीदी कैफे क्षेत्र में चलेंगे व आजीविका की गाड़ी चल जाएगी। एसएचजी की बहनों ने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पेश किया है। म.प्र. में एक नई जागृति आई है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित केंद्र की योजनाएं म.प्र. में अच्छे से लागू की गई हैं। राज्यपाल मंगूभाई पटेल, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रहलाद सिंह पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष-सांसद वी.डी. शर्मा, राजस्थान-म.प्र. के सांसद, म.प्र. के मंत्रीगणएवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस मौके पर एसएचजी की दो बहनों ने अनुभव साझा करते बताया कि पहले वे मजदूरी करती थी, अब सरकार की नीतियों-योजनाओं से मालिक बन गई है।कार्यक्रम में पीएम नेप्रतीक स्वरूप दो बहनों को विविध योजनाओं में क्रमशः 10 लाख ररुपये का चेकप किट प्रदान किया। साथ ही, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए 4 कौशल केंद्रों का उद्घाटन किया।

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