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Saturday, September 10, 2022

बड़ी खबर.....सेंट एंजिल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर ने 40 बच्चो को बेरहमी से पीटा...



रेवांचल टाईम्स - डिंडोरी सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर डिंडोरी जिले से आ रही जहां डिंडोरी जिले का जाना माना स्कूल सेंट एंजिल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर आशीष चौहान ने बड़ी ही बेरहमी से कक्षा चौथी के A section  में  पढ़ रहे 40 बच्चो को बड़ी ही बेरहमी से पिटाई कर दी।


सूत्रों की माने तो इन दिनों जिले  में सबसे ज्यादा लोकप्रिय बना यह स्कूल जहा अधिकतर बच्चे शिक्षा अर्जित करते है। और काफी लंबे समय से स्कूल जिले में संचालित हो रहा है बताया जाता है कि डायरेक्टर आशीष चौहान द्वारा जिले में तीन  ब्रांच सेंट एंजिल पब्लिक स्कूल की खोल राखी है। और सभी की शिक्षण शुल्क भी कोई चने मुमफली खरीदने  जैसी नहीं है बड़ी ही हाई फाई फीस संचालक द्वारा वसूली जाती है। और वहीं देखा जाए तो एक जिम्मेदार स्कूल के संचालक को इस तरह 40 बच्चो को बड़ी ही बेरहमी से मरना मानो घर का गुस्सा दूसरो पर उतारने जेसा है। 


हलाकी सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है,एक परिजन ने जब संचालक महोदय से इस बात को जाननी चाही तो उनके द्वारा परिजन को ही बड़े ही कड़े शब्दों में यह  केह दिया गया कि जो करते बाने आप करलो परिजन  इस बात को बताने में थोड़ा कत्तरा भी रहे।


सूत्रों की माने तो सेंट एंजिल पब्लिक स्कूल के संचालक की शिकायत करने से कुछ परिजन कतरा भी रहे कारण है राजनैतिक सपोर्ट और जिम्मेदार अधिकारियों का संरक्षण जिसके चलते उन पर किसी प्रकार से कोई कार्यवाही और शिकायते नहीं हो पाती है। जिसके चलते   परिजन भी  शिकायतों करने से भी कतराते है। देखा जाए तो इस स्कूल में अधिकतर  राज नेता और शासकीय कर्मचारियों के बच्चे भी उसी स्कूल में शिक्षा अर्जित करते है। इसी के वजह से मामला ज्यादा फेल नहीं पाया है और इसे दबाने कि भी पूरी कोशिश की जा रही है?


देखा जाए तो एक जिम्मेदार स्कूल के संचालक द्वारा इतना गंदा कार्य करना अशोभनीय है। और कुछ लोगो ने घोर निंदा भी जाहिर की है। प्रशासन को इसके हर पहलू की जांच करनी चाहिए और संचालक पर कार्यवाही की जानी चाहिए।  देखा  तो स्कूल में बच्चो को अच्छी शिक्षा के लिए ही परिजनों द्वारा बड़े बड़े स्कूलों में पढ़ाया जा है और स्कूल संचालक द्वारा इस तरह हिटलर साही रवैया कभी बच्चो कि भविष्य के साथ भी घातक हो सकता है।

देखा जाए तो स्कूल संचालक द्वारा स्कूल की बिल्डिंग तो तीन मंजिल कि बना राखी है पर स्कूल में कहीं किसी प्रकार की बाउंड्री वॉल की कोई व्यवस्था नहीं है और इसे ही बिना बाउंड्री वॉल के जब की नर्सरी से लेकर कक्षा 12 वी तक की कक्षाएं संचालित हो रही है और सुरक्षा व्यवस्था भी चरमराई  हुई है,और आज तक कोई भी अधिकारियों ने स्कूल का कभी मोयाना नहीं किया जिसके चलते संचालक जी के हौसले और बुलंद हो गए है। 

गाड़ियों में भी क्षमता से अधिक बच्चो को परिवहन कर लाया जाता है 

देखा जाए तो स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चो को सुबह के समय और छुट्टी के समय लेने लेजाने के लिए  बड़ी संख्या में गाडियां तो है पर उन गाड़ियों की भी शारीरिक स्थितियां ठीक नहीं है और न ही सुरक्षा के लिए किसी वाहन पर कैमरे लगाए गए है। परिजनों से बड़ा मुनाफा कमा रहे संचालक महोदय द्वारा सिर्फ परिजनों से मोटी रकम अंदर करने और मासूम बच्चो पर हाथ उठाना ही चलता रहेगा?

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