नौरादेही अभ्यारण्य में आकर्षण का केंद्र बना बाघिन राधा और बाघ किशन का कुनबा... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

🙏जय माता दी🙏 शुभारंभ शुभारंभ माँ नर्मदा की कृपा और बुजुर्गों के आशीर्वाद से माँ रेवा पब्लिकेशन एन्ड प्रिंटर्स का हुआ शुभारंभ समाचार पत्रों की प्रिंटिग हेतु संपर्क करें मोबाईल न- 0761- 4112552/07415685293, 09340553112,/ 9425852299/08770497044 पता:- 68/1 लक्ष्मीपुर विवेकानंद वार्ड मुस्कान प्लाजा के पीछे एम आर 4 रोड़ उखरी जबलपुर (म.प्र.)

Saturday, August 20, 2022

नौरादेही अभ्यारण्य में आकर्षण का केंद्र बना बाघिन राधा और बाघ किशन का कुनबा...







रेवांचल टाईम्स डेस्क - तीन रेंजों में जमा 12 बाघों का डेरा सर्रा डोंगरगढ़ और नौरादेही अभ्यारण्य   कर रहे चहलकदमी 

12बाघों म़े सिर्फ राधा-किशन ही पहने हुए हैं कॉलर आईडी अन्य बाघो की पदमार्क से लोकेशन ले रहे... 

विशाल रजक तेन्दूखेडा - तीन जिले की सीमा में फैले हुए सबसे बड़े वन्यजीव अभ्यारण्य में टाइगर शिफ्टिंग प्रोजेक्ट की सफलता नए आयाम रच रही है प्रदेश के तीन जिले सागर दमोह और नरसिंहपुर मैं फैले हुए नौरादेही अभ्यारण्य अपनी जैव विविधता के लिए तो मशहूर था ही लेकिन वन्यप्राणियों की कमी  के चलते प्रदेश का सबसे बड़ा अभ्यारण्य होने के बावजूद आम लोगों और सैलानियों को आकर्षित नहीं कर पाता था लेकिन 2018 में यहां पर कान्हा पार्क से बाघिन राधा और बांधवगढ़ पार्क बाघ किशन को लाया गया था राधा और किशन की जोड़ी नौरादेही में ऐसी रम गई की  4 साल 12 बाघों का कुनबा पहुंच गया और कुनबा बढ़ना शुरू हो गया अब नौरादेही अभ्यारण्य में राधा और किशन का 12 सदस्यों का परिवार इन दिनों नौरादेही अभ्यारण्य में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है बारिश के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नौरादेही अभ्यारण्य में बाघों की चहलकदमी देखने लायक ही बनती है जहां हरे भरे घने जंगल में अपना बसेरा बनाए हुए नजर आ रहे हैं

नौरादेही अभ्यारण्य में बाघों को बचाने का प्रोजेक्ट सफल

सागर संभाग में पन्ना नेशनल पार्क के बाद नौरादेही अभ्यारण्य उन जंगलों में शामिल हो गया है जहां बाघों को बसाया जा सकता है टाइगर शिफ्टिंग प्रोजेक्ट के तहत 2018 मे कान्हा नेशनल पार्क से बाघिन राधा को नौरादेही अभ्यारण्य में लाया गया था कान्हा नेशनल पार्क में जहरखुरानी का शिकार होने के बाद बाघिन राधा को नौरादेही अभ्यारण्य लाया गया था जहरखुरानी की घटना का शिकार हुए बाघिन राधा की मां बनने की उम्मीद कम थी लेकिन बांंधवगढ़ से आए बाघ किशन और बाघिन राधा की जोड़ी कुछ ऐसी जमीं की 4 साल में ही राधा और किशन का कुनबा दो से 12 बाघों के परिवार में तब्दील हो गया


तीन रेंजों में जमाया डेरा


नौरादेही अभ्यारण्य में इन दिनों 12 बाघों की हरे भरे घने जंगल के बीच चहलकदमी हो रही है यहां पर बाघो ने सर्रा रेंज डोगरगढ़ रे़ज और नौरादेही अभ्यारण्य इन तीनों रेंजों में अपना बसेरा बनाकर रह रहे हैं यहां पर 12 ही बाघों ने इन तीनों रेज की सीमा में डेरा जमाए हुए हैं वर्तमान में अभ्यारण्य की तीनों रेंजों में बाघो के साथ शावकों ने भी अपना डेरा डाले हुए हैं कॉलर आईडी न  लगने के कारण वनकर्मी पदमार्क के सहारे 24 घंटे इनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं बताया गया है कि बारिश के बीच बाघिन राधा की बेटी एन-112 अपने शावकों को गुफा में रखे हुए हैं वहीं इन सभी बाघों ने तीनों रेंज में अपना बसेरा बनाए हुए हैं


12 बाघों में सिर्फ राधा-किशन को ही पहनाएं कॉलर आईडी


नौरादेही म़े चार साल में 12 बाघ हो गए हैं इनमें से 2018 में आए बाघ-बाघिन राधा-किशन ही कॉलर आईडी पहने हुए हैं शेष 10 बाघों को अब तक कॉलर आईडी नहीं पहनाई गई है जो कि बिना कॉलर आईडी के अभ्यारण्य में घूम रहे हैं हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बाघों की सुरक्षा के लिए वन विभाग के सुरक्षाकर्मी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं वहीं इन बाघों के पगमार्क से इनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है बारिश के मौसम में पगमार्क से पता चल जाता है कि बाघ व शावक कहा घूम रहे हैं वहीं बाघ किशन और बाघिन राधा की मॉनिटरिंग की जा रही है क्योंकि यह दोनों  ही कॉलर आईडी पहने हुए हैं और वीएचएफ के माध्यम से मॉनिटरिंग से अभ्यारण्य प्वाइंट पर बाघ -बाघिन पर नजर रखे हुए हैं अभ्यारण्य के 12बाघों की चहलकदमी तीनों रेंज में देखी जा रही है


नौरादेही व रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलकर बनेगा टाइगर रिजर्व


नौरादेही अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने के प्रयास तेज हो गए हैं क्योंकि यहां की डायवर्सिटी बाघों के अनुकूल है सागर के नौरादेही और दमोह के रानी दुर्गावती अभ्यारण्य को मिलाकर 1500 वर्ग किलोमीटर में टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा इसमें ईको सेंसिटिव जोन भी शामिल रहेगा नौरादेही के अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को जनवरी माह में भेज दिया है कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजा जाएगा फिर वहां से एक टीम आएगी जो नौरादेही और रानी दुर्गावती अभ्यारण्य का निरीक्षण करेंगी यदि सबकुछ ठीक रहा तो नौरादेही को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल जाएगा


नौरादेही में अन्य जानवरों की संख्या भी बढ़ रही..


    बाघों की शिफ्टिंग के बाद से नौरादेही में प्राकृतिक रहवास भी तेजी से बढ़ रहा है वन अधिकारियों का कहना है कि अभ्यारण्य में अन्य जानवरों की संख्या में भी वृद्धि हुई है बाघों का कुनबा बढ़ने के साथ ही उनके आहार के लिए पेंच टाइगर रिजर्व से एक हजार चीतल और नौरादेही मेें शिफ्ट किए जा रहे हैं इनमें से अब तक चार खेप में 450 चीतल नौरादेही आ चुके हैं अन्य चीतल आना अभी बाकी है।


इनका कहना-

      नौरादेही एसडीओ सेवाराम मलिक ने बताया कि लगातार बाघों का कुनबा बढ़ रहा है वहीं अभी बाघों का डेरा तीन रेंजों में बना हुआ है इनमें से किशन और राधा ही कॉलर आईडी   पहने हुए हैं अन्य बाघों को अभी आईडी नहीं पहनाई गई उनकी पगमार्क से लोकेशन वनकर्मी ले रहे हैं और सुरक्षा में लगे हुए हैं।

No comments:

Post a Comment