दैनिक रेवांचल टाईम्स – सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने पोस मशीन की व्यवस्था शुरू की, लेकिन राशन डीलरों ने पोस मशीन से भी धांधली का जुगाड़ बिठा लिया।
ताजा मामला फुलारा में सामने आया है। जहां के उपभोक्ताओं ने बताया की डीलर पोस मशीन में तो सही एंट्री कर रहा है और उपभोक्ताओं को कम सामग्री का वितरण कर रहा है। इस मामले की पूरी जांच हो तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। डीलर रामकुमार बघेल अपने प्रायवेट लड़के रख चलाते हैं उचित मूल्य दुकान अब ग्रामीणों का कहना है यदि रामकुमार बघेल दुकान नही चला पा रहे हैं तो विभाग किसी और को मौका क्यों नहीं दे देता।
अब कार्रवाई होगी ऐसा लगता तो नहीं क्योंकि चोर चोर मौसेरे भाई की कहावत यहां सटीक बैठती है, सालों तो कोई जांच करने नहीं आता आ भी गया और शिकायत सही भी निकली तो डीलर से उस दुकान को वापस ले उसे दूसरी दुकान में बदल दिया जाता हैं। न रिकवरी की जाती और न उपभोक्ताओं को पिछला राशन मिलता और मिली भगत कर मामला खत्म कर दिया जाता है।
ऐसा ही एक मामला
चावड़ी, मोहगांव के वितरक का सामने आया था, संवेदन शील विभाग ने वितरक को हटा दिया और मामले की लीपा पोती कर दिया, जबकि वितरक द्वारा जो हितग्राही को राशन कम दिया गया था उस का कुछ नहीं हुआ जबकि हितग्राहियों ने इसकी ही शिकायत की थी,जो राशन वितरक ने बेच लिया और नीचे से ऊपर तक पैसे बट गए तो कैसी कार्यवाही, जब साजन हुए कोतवाल तो डर काए का।
कैसे होती हैं कालाबाजारी
जब उचित मूल्य दुकान के लिए राशन आता है तो उसे रात के अंधेले में बुलाया जाता है और उसी समय कुछ राशन को बेच दिया जाता है, जब दुकान खुलती है तो हितग्राही को बोला जाता है कि राशन ऊपर से कम आया है इस लिए आपको 10 किलो के स्थान में 8किलो दिया जाएगा जब बाकी का आयेगा तो आपको बाद में मिल जाएगा लेकिन वो कभी आता नही और दूसरा माह आ जाता है, अब पोश मशीन में अंगूठा तो पूरे राशन में लगवा लिया गया था और राशन कम दिया गया तो हितग्राही कैसे सिद्ध करेगा की राशन कम मिला इसके लिए पर्ची या एसएमएस की सुविधा चालू होना चाहिए जिससे ये पता चले की राशन कितना मिला और यदि दुकान को कम राशन मिलता है तो दुकान के बाहर लिख कर रखना चाहिए।
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