रेवांचल टाईम्स – सरकार सरकारी स्कूल को सुधारने का चाहे जितना भी प्रयास करे मगर शायद हजारों रुपए वेतन पाने वाले शिक्षको को घर का काम ज्यादा जरूरी होता है जिस काम का इन्हे हजारों रुपए वेतन मिल रहा है वे उसके प्रति बिलकुल भी ईमानदार नहीं है।
ताजा मामला जन शिक्षा केंद्र सिवनी से महज 10 कि मी दूर स्थित डुगरिया में 3:45 बजे जब रेवांचल टाईम्स की टीम पहुंची तो स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और स्कूल के गेट में ताला लटक रहा था। विद्यालय की दीवार में लिखें प्रधानपाठक बहोरीलाल परते के नंबर पर छुट्टी का कारण जानने के लिए जब फोन लगाया गया तो उनके द्वारा फोन नही उठाया गया जब एक और शिक्षक अनिल यादव से बात की गई तो उन्होनें बताया की जन शिक्षक के बुलाने में वे बी आर सी कार्यालय गए थे, और वहां से एक अंत्येष्टि में गए थे और अन्य शिक्षक स्कूल में, ही थे।
मेरे द्वारा सभी स्कूल को 10: 30 से 4:30 तक विद्यालय लगाने के निर्देश दिए गए हैं यदि विद्यालय जल्दी बंद हुआ है तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
रामकृष्ण दुबे
जन शिक्षक

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