रेवांचल टाइम्स .. डिंडोरी जिला मुख्यालय में शासकीय आवास पर वर्षो से कब्जा जमाये बैठे अधिकारी स्थानन्तरण के एक साल बाद भी खाली नही किया लोक निर्माण विभाग के नए कार्यपालन यंत्री ने शासकीय आवास, खाली करवाने के लिए
विभागीय अधिकारी को कई बार पत्र लिखा इसके बावजूद भी पूर्व कार्यपालन यंत्री के द्वारा शासकीय आवास को खाली नहीं किया गया और नए कार्यपालन यंत्री को कई दिनों तक पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में रहना पड़ा और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा इसके बावजूद भी जब उन्हें शासकीय आवास नहीं मिला तो उन्होंने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहां की मुझे कोई भी शासकीय आवास आवंटित किया जाए जिसमे मैं अपने परिवार के साथ निवास कर सकूं इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी पूर्व कार्यपालन यंत्री द्वारा शासकीय आवास को खाली नहीं किया जा रहा है आखिर किसकी सह पर उनके हौसले इतने बुलंद है लगभग 1 साल होने के चलते शिकायत पर शिकायत और मीडिया के माध्यम से खबर लगाए जाने पर विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए गंभीरता से संयुक्त कलेक्टर सहित मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग मध्य क्षेत्र जबलपुर को लिखा पत्र । अब होगी वसूली की कार्यवाही।
बताया गया कि एम एस धुर्वे तत्कालीन कार्यपालन यंत्री डिंडौरी का स्थानन्तरण 31 अगस्त 2021 को जबलपुर हो गया है डिंडौरी से कार्यमुक्त होने के लगभग एक साल बाद भी आज दिनांक तंक लोक निर्माण विभाग कालोनी में स्थित कार्यपालन यंत्री के शासकीय आवास को खाली नही किया गया है सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि पूर्व मुख्य कार्यपालन यंत्री द्वारा आज भी जबलपुर में पदस्थ होने के बावजूद ठेकेदारों का रिमोट कंट्रोल आज भी उनके हाथ में है। जबकि नियमानुसार दो माह में शासकीय आवास खाली कर देना था शासन को लिखे पत्र में एमएस धुर्वे से लगभग 6 माह का किराया बाजार दर से वसूली करते हुए लगभग 54 हजार रुपये वसूली
का प्रस्ताव भेजा गया है....
अब देखना यह होगा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा आवास खाली किया जाता है या इसी तरह से हर महीने किराया बाजार दर से वसूली कर प्रस्ताव भेजा जाएगा।



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