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Monday, August 22, 2022

आज है अजा एकादशी का व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त? पूजन विधि और व्रत के नियम

 



हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी महत्वपूर्ण माना गया है और साल में कुल 24 एकादशी आती हैं. प्रत्येक एकादशी अपने आप में काफी विशेष है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है जो कि पंचांग के अनुसार आज यान 22 अगस्त को मनाई जा रही है. अजा एकादशी के दिन व्रत व्रत किया जाता है और भगवान विष्णु का पूजन होता है. मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने से जातकों को पापों से मुक्ति मिलती है. आइए जानते हैं अजा एकादशी व्रत में पूजन का शुभ मुहुर्त और व्रत के नियम.
अजा एकादशी व्रत शुभ मुहूर्त

अजा एकादशी व्रत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कहते हैं. इस साल यह तिथि 22 अगस्त को सुबह 3 बजकी 35 मिनट पर शुरू होगी और 23 अगस्त को सुबह 6 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी. व्रत का पारण 24 अगस्त को किया जाएगा.
अजा एकादशी व्रत पूजन विधि

अजा एकादशी के दिन सूर्याेदय से पहले उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और मंदिर की सफाई करें. इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करें और उन्हें समक्ष धूप, दीप, अक्षत, पुष्प और तुलसी अर्पित करें. इसके बाद एकादशी व्रत कथा और आरती करें.
अजा एकादशी व्रत के नियमआमतौर पर सभी एकादशी व्रत के एक ही नियम होते हैं. इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है और मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पाप नष्ट होते हैं.
एकादशी से एक दिन पहले और एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए.
एकादशी के दिन सूर्यास्त से पहले ही भोजन ग्रहण करना चाहिए. सूर्यास्त के बाद कृछ भी न खाएं.
इस दिन भगवान विष्णु की अराधना करें और लड़ाई-झगड़े, कलेश व वाद-विवाद से बचें.
एकादशी का व्रत करने वाले जातक को रात में जागरण करना चाहिए और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए भजन, कीर्तन करने चाहिए.

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