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Tuesday, August 2, 2022

हत्या कर हुआ फरार, फिर बन गया एक्टर, 30 साल बाद पुलिस ने ऐसे दबोचा

  



रेवांचल टाइम्स:पुलिस के पास फोटो था, पर वह फोटो की तरह दिखता नहीं था। फिर पुलिस (Police) ने उस पर निगरानी रखी और फिर एक दिन उसे दबोच लिया था। 30 सालों बाद पुलिस को हत्या के एक आरोपी (Murder accused) को पकड़ने में सफलता मिली। आरोपी 30 साल पहले लूट के प्रयास (Attempted robbery) में हत्या कर फरार हो गया था। वह इन 30 वर्षों तक पुलिस से बचता रहा। हैरानी वाली बात है कि इस दौरान वह फिल्मों में ऐक्टिंग (Acting) करता रहा। रविवार को हरियाणा पुलिस के विशेष कार्य बल ने उसे गिरफ्तार (Arrest) कर लिया। ओम प्रकाश अब 65 साल का है। उसकी नई फिल्म ‘दबंग छोटा जाट का‘ रिलीज होने वाली है। एसटीएफ (STF) की एक टीम ने उसे गाजियाबाद के हरबंस नगर में उनके घर के पास रोका, जब वह दूध का एक पैकेट खरीदने के लिए बाहर निकले थे।


पुलिस के पास जो फोटो था, वह वैसा कुछ नहीं लग रहा था। लेकिन हफ्तों तक पुलिस ने उसके ऊपर निगरानी रखी। ओम प्रकाश ने भी स्वीकार किया गया कि वह वास्तव में पानीपत का ओम प्रकाश है। ओम प्रकाश ने जिन फिल्मों में अभिनय किया, उनके वीडियो क्लिप में यूट्यूब पर कई हजारों और यहां तक कि लाखों में देखे गए।


एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि ओम प्रकाश पानीपत की समालखा तहसील के नरैना गांव का रहने वाला है। कुछ वर्षों तक उसने सेना के सिग्नल कोर में काम किया लेकिन चार साल की अनुपस्थिति के बाद 1988 में बर्खास्त कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ओम प्रकाश चोरी और स्नेचिंग में शामिल होकर अपराधी बन गया। उसके अपराध रिकॉर्ड में 1986 में सोनीपत में कार चोरी, 1990 में पानीपत में मोटरसाइकिल और सिलाई मशीन की चोरी और 1990 में सोनीपत से बजाज चेतक स्कूटर की चोरी शामिल है।

1992 में, ओम प्रकाश 35 साल का था। उसने भिवानी में बाइक सवार धर्मपाल को लूटने के प्रयास किया। इस दौरान उसने कथित तौर पर चाकू मारकर धर्मपाल की हत्या कर दी। पुलिस ने ओम प्रकाश पर हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी लेकिन वह नहीं मिला। एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि भागने के बाद ओम प्रकाश सबसे पहले तमिलनाडु गया, जहां वह दो साल तक रहा। लेकिन भाषा की समस्या और आय न होने परवह उत्तर भारत लौट आया। ओम प्रकाश ने 1994 में गाजियाबाद में एक घर किराए पर लिया लेकिन पानीपत में अपने परिवार, पत्नी और बेटी किसी से भी संपर्क नहीं किया।


उसने यहां एक नई शुरुआत की। 1997 में उसने दूसरी शादी की और 2002 में हरबंस नगर में एक प्लॉट खरीदा और घर बनाया। अपनी दूसरी पत्नी और दो बेटियों और बेटों के लिए, ओम प्रकाश एक पूर्व सैनिक थे। उसने वीआरएस लेने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, ओम प्रकाश जो पाशा बना, उसने 2007 के आसपास यूपी फिल्म उद्योग में क्षेत्रीय सिनेमा में अपना पहला ब्रेक पाया।

पिछले 15 वर्षों से उसने कई क्षेत्रीय फिल्मों में काम किया। वह 5,000-6,000 रुपये में सरपंच या कॉन्स्टेबल जैसी छोटी भूमिकाएं करता था। सब इंस्पेक्टर (एसआई) विवेक कुमार ने कहा कि वह एक साल में औसतन लगभग दो भूमिकाएं करता था। एसटीएफ अधिकारियों ने कहा कि ओम प्रकाश, जिस पर 25,000 रुपये का इनाम था, ने कम से कम 28 क्षेत्रीय फिल्मों में अभिनय किया था। उसकी फिल्मों में टकराव भी है, जिसे यूट्यूब पर 7.6 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं।

ओम प्रकाश की तलाश पिछले साल तब शुरू हुई जब एसटीएफ ने हरियाणा में वांछित अपराधियों की जांच और गायब अपराधियों की तलाश शुरू की। ओम प्रकाश पर लीड दो महीने पहले मिली, जब ओम प्रकाश ने पानीपत में अपने भाई को वॉट्सऐप कॉल किया। एक बार एसटीएफ के पास उसका नंबर होने के बाद, वे निगरानी के माध्यम से उसके स्थान को ट्रैक करने में सक्षम रहे। ओम प्रकाश को भिवानी लाया गया।

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