जिले में हुआ सामाजिक परिवर्तन का सफल प्रयोग
मण्डला 14 अगस्त 2022
जिला प्रशासन द्वारा महिला साक्षरता एवं संपूर्ण साक्षरता के लिए विगत 2 वर्षों से महिला ज्ञानालय तथा निरक्षरता से आजादी अभियान संचालित किया गया।
इन दोनों अभियानों के फलस्वरूप मंडला जिला 15 अगस्त को देश का पहला पूर्ण कार्यात्मक साक्षर जिला घोषित किया जाएगा। उक्त
जानकारी कलेक्टर हर्षिका सिंह ने योजना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 में महिलाओं को साक्षर
बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला ज्ञानालय कार्यक्रम शुरू
किया गया जिसमें गाँव की पढ़ी-लिखी महिलाओं द्वारा अपने आसपास की निरक्षर महिलाओं
को अक्षरज्ञान,
गिनती तथा सामान्य बैंकिंग व्यवहार से संबंधित जानकारी
प्रदान की गई। प्रौढ़ साक्षरता के अंतर्गत राज्य शिक्षा केन्द्र तथा स्कूल शिक्षा
विभाग के समन्वय से निरक्षरता से आजादी अभियान प्रारंभ किया गया। इस अभियान के
अंतर्गत ज्ञानदान करने के इच्छुक अक्षरसाथियों एवं समाजसेवियों का भी सहयोग लिया
गया, फलस्वरूप अब मंडला जिला कार्यात्मक रूप से पूर्ण साक्षर
जिला बन गया है। जिले में सामाजिक परिवर्तन का यह अनूठा एवं सफल प्रयोग है।
कलेक्टर ने बताया कि 15 अगस्त को जिले के प्रभारी
मंत्री द्वारा मुख्य समारोह में मंडला को पहले पूर्ण कार्यात्मक साक्षर जिले के
रूप में घोषित किया जाएगा। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान बताया
कि राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार तक भी जिले की पूर्ण कार्यात्मक साक्षरता से
संबंधित आवश्यक दस्तावेजीकरण भी जल्द कराया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने बताया कि
इस मुहिम में स्थानीय समाजसेवियों तथा अक्षरसाथियों का विशेष योगदान प्राप्त हुआ।
सभी ने मनरेगा कार्यस्थलों, रात्रिकालीन कक्षाएं, प्रातःकालीन कक्षाएं तथा घर-घर जाकर भी निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के
कार्य में सहयोग दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पंचायत सीईओ रानी बाटड, एडीएम मीना मसराम, एसीईओ श्री मरावी तथा जिले के
इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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