मध्यप्रदेश के सभी 6 टाइगर रिजर्व 1 अक्टूबर से खुलेंगे। टूरिस्ट बाघ, तेंदुए समेत अन्य जानवरों का करीब से दीदार कर सकेंगे। एमपी टूरिज्म की साइट पर जाकर बुकिंग करा सकते हैं। एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी बुकिंग की जा सकती है।
प्रदेश में 6 टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क हैं। इनमें कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, पेंच, सतपुड़ा और संजय डुबरी नेशनल पार्क शामिल हैं। बारिश के दिनों में इन पार्कों के कोर एरिया में टूरिस्टों की एंट्री 1 जुलाई को बंद कर दी जाती है। इस कारण टूरिस्ट कोर एरिया की बजाय बफर जोन में घूम रहे हैं। हालांकि, उनकी संख्या में 75% तक कमी आ गई है, क्योंकि कोर एरिया में जानवरों की चहल-कदमी ज्यादा होती है। 30 सितंबर तक कोर एरिया बंद रखे जाएंगे। बारिश का दौर थमने के बाद 1 अक्टूबर से कोर एरिया खुल जाएंगे।
बुकिंग की यह टाइमिंग
29 अगस्त से बुकिंग शुरू होगी। सुबह 11 बजे से बुकिंग ऑनलाइन तरीके से कराई जा सकती है। 29 अगस्त से 2 सितंबर तक 1 से 15 अक्टूबर के लिए बुकिंग होगी। 3 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अगले 120 दिनों के लिए बुकिंग होगी।
बुकिंग के लिए जरूरी बातें
हर रोज सुबह 11 बजे से बुकिंग खुलेगी।
यदि आप बुकिंग कैंसिल करना चाहते हैं तो एक दिन पहले शाम 5 बजे तक उसे कैंसिल कर सकते हैं।
यदि सफारी के लिए पिपरिया गेट पर पंजीकृत वाहन उपलब्ध नहीं है तो पार्क प्रबंधन सामान्य बफर दरों पर प्राइवेट वाहन को भी अनुमति दे सकता है।
परमिट बुकिंग, कैंसिल आदि के लिए जानकारी लेना है तो एमपी ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर 0755-6720200 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं, ईमेल आईडी forest@mponline.gov.in पर भी संपर्क किया जा सकता है।
ऐसे करा सकते हैं ऑनलाइन बुकिंग
www.mponline.gov.in पोर्टल सर्च करने पर 'राष्ट्रीय उद्यान' सिंबॉल पर क्लिक करेंगे तो ऑनलाइन बुकिंग की साइट खुल जाएगी। इसमें दिन के हिसाब से बुकिंग कराई जा सकती है।
क्या है कोर और बफर एरिया
हर नेशनल पार्क में ऐसा क्षेत्र होता है, जहां वन्यप्राणियों के रहने और जीवनशैली के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी व भोजन उपलब्ध होता है। वन क्षेत्र का सर्वाधिक घनत्व भी इसी क्षेत्र में देखने को मिलता है। किसी भी नेशनल पार्क में बीच के इलाके को कोर एरिया कहा जाता है। कोर एरिया और करीबी ग्रामीण क्षेत्र के बीच का हिस्सा बफर जोन कहलाता है। इसमें कोर एरिया के मुकाबले जंगल व घनत्व कम होता है। बफर एरिया एक तरह से कोर एरिया के चारों ओर रिंग की तरह भौगोलिक क्षेत्र बनाता है और कोर एरिया की सुरक्षा करता है। यहां जानवरों की चहल-कदमी कम रहती है।
कान्हा टाइगर रिजर्व
कान्हा टाइगर रिजर्व देश के बाघों के गढ़ में से एक है। भारत के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। पार्क में टाइगर, भारतीय तेंदुए, भालू, बारहसिंगा और जंगली कुत्ते की आबादी अधिक है। रूडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध नॉवेल 'द जंगल बुक' में दर्शाए गए जंगल को कान्हा टाइगर रिजर्व पर आधारित माना गया है।

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