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Friday, July 22, 2022

ट्रिपल मर्डर से फैली सनसनी...महिला सिपाही, मां और बेटी की हत्या,घर में ताला लगाकर फरार हुए



रेवांचल टाईम्स:जमशेदपुर के गोलमुरी पुलिस लाइन में महिला सिपाही, उसकी मां और बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। तीनों की लाश गुरुवार देर रात पुलिस लाइन स्थित पुलिसकर्मियों को सरकारी क्वार्टर जे-5 (ब्लॉक-2) से बरामद हुआ है। मृतकों में महिला सिपाही सविता हेंब्रम (30) उसकी मां लखिया मुर्मू (70) और सविता की बेटी गीता हेंब्रम शामिल हैं।


वारदात के बाद हत्यारे तीनों लाशों को फ्लैट में बंद कर दिया और बाहर से ताला बंद कर फरार हो गए। फ्लैट से दुर्गंध आने पर पड़ोसी पुलिसकर्मी और उनके परिजनों ने गुरुवार रात को मेजर धर्मेंद्र कुमार को सूचना दी। मेजर ने तुरंत इसकी जानकारी एसएसपी प्रभात कुमार को दी। गोलमुरी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसएसपी की मौजूदगी में फ्लैट का ताला तोड़ गया तो भीतर तीनों की क्षत-विक्षत लाश पड़ी थी।
पुलिस लाइन में एक साथ तिहरे हत्याकांड से दहशत फैल गई है। वारदात के बाद तत्काल पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है, जहां पर लाशें पड़ी हुई थी। किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है। लेकिन अंदर की जो स्थिति थी, उससे स्पष्ट है कि हत्या करने वाले मेहमान बन कर महिला सिपाही के फ्लैट में आए थे और उन्होंने मंगलवार की रात में ही सविता और उसके परिवार वालों को मौत के घाट उतारा है।

मंगलवार दिन में महिला सिपाही व उसके परिजनों को आस-पड़ोस के लोगों ने देखा था और वह उस दिन फर्स्ट हाफ में ड्यूटी पर भी गई थी। घटनास्थल को देखने से स्पष्ट पता चलता है कि हत्या करने वालों में 2 से अधिक लोग थे, जो वारदात के बाद घर से बाहर निकले और ताला बंद करते हुए फरार हो गए।

अनुकंपा को लेकर ससुराल वालों से चल रहा था विवाद

सविता का उसके ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। पति कैलाश की मौत के बाद सविता की नौकरी के लिए जब उसका नाम प्रस्तावित किया तो इसका विरोध उसकी सास ने किया था। जब पति की मौत हुई तब सविता 5 माह की गर्भवती थी। उसके बाद जब उसे प्रसव के समय अस्पताल में भर्ती किया गया, तब ससुराल से कोई भी उसे देखने के लिए नहीं आया।

इसकी जानकारी देते हुए सविता की बहन रानू मार्डी बताती हैं कि जब उसकी बहन की नौकरी लगने वाली थी तो सविता की सास में एसएसपी कार्यालय में लिख कर दिया था कि सविता की बजाय उसके दूसरे बेटे (सविता के देवर) को नौकरी दी जाए। बाद में सविता की सास की मृत्यु हो गई। उसके बाद सविता के देवर ने नौकरी के लिए जोर देना शुरू कर दिया था। लेकिन तब तक सविता को नौकरी मिल चुकी थी और वह एसएसपी कार्यालय में ड्यूटी करने लगी थी।

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