रेवांचल टाईम्स - इन दिनों को फसल के लिए किसानों को अपनी अच्छी फसल के लिए जिस प्रकार से पानी की आवश्कता होती है वैसे ही फ़सल के लिए खाद की लिए और समय में खाद न मिलने से फ़सल बरबाद हो सकती है, वही किसानों को यूरिया की किल्लत से परेशान और गुस्साए किसानों ने आज मंडला डिंडौरी मार्ग को फिर से चका जाम कर दिया,
जानकारी के अनुसार जिले में यूरिया की कमी लंबे समय से बनी हुई है। खरीफ सीजन में किसानों को वर्तमान में यूरिया की काफी आवश्यकता है, लेकिन समय पर यूरिया न मिलने के चलते किसान परेशान हैं। और परेशान किसानों ने आज सोमवार की दोपहर एक बार फिर से मंडला बस स्टैंड स्थित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित भंडारण केंद्र के सामने मंडला डिंडौरी मार्ग पर चकाजाम कर दिया।
वही सूचना मिलते ही यातायात पुलिस का अमला मौके पर पहुंच गया और ग्रामीण किसानों को समझाइश देना शुरू किया। पर किसान नही माने वही किसानों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें खाद की जरूरत है लेकिन हमें यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वे पिछले कई दिनों से गौदाम के चक्कर काटने मजबूर हैं। वही गोदाम प्रभारी का कहना है कि जिले में यूरिया की कमी चल रही है और इस समय सबसे अधिक मांग यूरिया की ही किसान कर रहे हैं। इस संबंध में उपसंचालक कृषि अश्वनी झारिया ने बताया कि मंडला के चिरईडोंगरी और जबलपुर के कछपुरा में रेक लग गया है। दोनों स्थानों से लगभग पांच पांच मैट्रिक टन यूरिया जल्द ही डिंडौरी पहुंचेगा। उसके बाद किसानों को यूरिया उपलब्ध हो पाएगा। वहीं गोदाम प्रभारी का कहना है कि जिले के लिए 200 टन यूरिया की मांग है, लेकिन अभी तक जिले को यूरिया की आपूर्ती नही की गई है।
इसी बीच किसानों की समस्या की जानकारी लगने पर डिंडोरी विधायक ओमकार मरकाम भी विपणन् संघ के गौदाम पहुँच गये उन्होंने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किसानों की मांगों को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि किसानों की इस समस्या और उनके मांग का में समर्थन करता हूं और यूरिया की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए।
नगद खाद के लिए जिले भर के किसान परेशान है
वही जिले के किसानों के सामने दूसरी समस्या यह भी है कि किसानों को सोसायटी से सिर्फ किसान क्रेडिट कार्ड पर ही खाद मिल रही है। जबकि जो किसान नगद राशि दे कर खाद लेते है, उन्हें डिंडोरी से खाद लाना होता है। विगत वर्ष में कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों को सोसायटी से खाद देने के निर्देश जारी किए गए थे, पर इस व्यवस्था से सभी किसानों को सुविधा मिल रही थी और किसान पुनः उसी तरह की व्यवस्था किए जाने की भी मांग कर करते हुए ब्लैक में बिक रही खाद में रोक लगाने की भी माँग की है।
रेवांचल टाईम्स से राकेश पटैल की रिपोर्ट

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