रेवांचल टाईम्स - बालाघाट, एक और प्रदेश शासन किसानों के हितों के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं लागू कर रही है वहीं दूसरी और अधिकारियों की लापरवाही से किसानों पर संकट गहराने का खतरा मंडरा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालाघाट स्थित सर्वेक्षण सिंचाई संभाग द्वारा मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम डोगंरबोड़ी में स्थित शासकीय तालाब में ठेकेदारी प्रथा से कार्य करवाया जा रहा है जो कि आज दिनांक तक अधूरा पड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि उक्त तालाब में तालाब की पार के नीचे की ओर पिचिंग का कार्य करवाया जा रहा है वह एकदम घटिया स्तर का है। साथ ही इस बरसात के मौसम में ठेकेदार द्वारा तेजी से कार्य नहीं किया जा रहा है जिससे बरसात में तालाब का कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।
तालाब में पानी नहीं भरने से हो रही परेशानी
ज्ञात हो कि इस तालाब से लगभग 300 एकड़ भूमि में सिंचाई की जाती है किंतु तालाब में लगभग आधी बरसात बीत जाने के बाद पानी की कमी होने से किसान अपनी फसल की बाद में सिंचाई को लेकर काफी चिंतित है क्योंकि तालाब में पर्याप्त पानी नहीं होने से फसल सूखने का खतरा बना हुआ है।
किसानों ने बताया कि शासन को बरसात के मौसम में कार्य नहीं करवाना था क्योंकि सरकारी तालाब में लगभग 16 फीट पानी भरने के बाद हि किसानों की फसलों में सिंचाई होती है अब जबकि वर्तमान में तालाब में लगभग 8 फीट पानी ही भरा है और तालाब कार्य प्रारंभ होने के कारण बाकी पानी की निकासी नाली बनाकर की जा रही है जिससे तालाब में पूरा पानी भरना असंभव नजर आ रहा है किसानों ने उक्त तालाब के मामले में जिला कलेक्टर महोदय से ध्यान देने की मांग की है।
इनका कहना है-
तालाब का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है किसानों की सिंचाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पानी तालाब में रखा जाएगा ।
एन एस ठाकुर
प्रभारी कार्यपालन यंत्री
सर्वेक्षण संभाग बालाघाट
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