रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े तीन मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
बैरसिया में नहाते समय खंती में डूबने से तीन बच्चियों की मौत
आयोग ने कहा- कलेक्टर भोपाल एक माह में दें जवाब
भोपाल जिले के बैरसिया थाना क्षेत्र में बीते शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चियों की खंती में डूबने से मौत हो गई है। दो बच्चियां गांव की ही है, जबकि एक अपने रिश्तेदार के यहां गांव आई थी। तीनों तीनों बच्च्यिां पादरी मोहल्ले को रहने वाली थी। तीनों बच्च्यिां परिवार को बताये बिना खंती में नहाने चली गई थीं। उनके शव बाहर निकल लिए गए हैं। तीनों की उम्र 11 से 13 साल के बीच है। लोगों का आरोप है कि अगर खंती में तार की फेन्सिग होती, तो बच्चियां पानी में नहीं पहुंच पाती और उनकी जान बच जाती। पुलिस के अनुसार पादरी टपरे में रहने वाली नकुशी पिता तमोना सिंह (13 वर्ष) रिया पिता जानू (12 वर्ष) एवं दीया पिता मच्छू (11 वर्ष) घर से कुछ ही दूरी पर बर्री छीडछेडा गांव में स्टेडियम के पीछे खंती में भरे पानी में नहाने पहुंची। तीनों बच्चियां किनारे में नहाने लगीं। इसी बीच वह गहरे पानी में डूब र्गइं। बैरसिया थाना प्रभारी ने बताया कि खंती 10 फीट गहरा पानी है। बच्चियों का घर घटना स्थल से आधा किलोमीटर दूर है। दोपहर को किसी राहगीर ने पानी में एक बच्ची को उतरते देखा। उसने तुरंत ही पुलिस को सूचना दी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। थोड़ी देर बाद पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, भोपाल से एक माह में जवाब मांगा है। साथ ही यह पूछा है कि क्या मृत बच्चियों के परिजनों को अनुग्रह राशि का भुगतान हो गया है ?

No comments:
Post a Comment