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Monday, July 25, 2022

बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन ने मनाया राज्यस्तरीय विरोध दिवस, दास हनुमान मंदिर चौराहे पर किया विरोध प्रदर्शन...


रेवांचल टाईम्स - आज 25 जुलाई को बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन मध्यप्रदेश के द्वारा बिजली संशोधन अधिनियम 2021 को रद्द करने की मांग को लेकर राज्य स्तरीय विरोध दिवस मनाया गया ।आरोन जिला गुना में इसके समर्थन को लेकर आज आरोन में भी स्थानीय दास हनुमान मंदिर चौराहे पर एक विरोध प्रदर्शन किया गया । प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन आरोन के सदस्य श्री राजमल जी ने कहा की आज सरकार तमाम सेवा क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंप रही है ।और बिजली का निजीकरण करने के मकसद से ही सरकार बिजली संशोधन अधिनियम 2021 लेकर आई है। मध्यप्रदेश में तो और एक कदम और आगे आते हुए सरकार ने मध्य प्रदेश की बिजली अडानी जैसे पूंजीपति को बेच  दी है। हम इसका विरोध करते हैं और बिजली संशोधन अधिनियम 2021 को तत्काल रद्द करने की मांग करते हैं ।बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के सचिव निलेश बैरागी ने मुख्य वक्तव्य रखते हुए कहा कि वर्तमान में मुनाफा आधारित व्यवस्था है। हर काम मुनाफे के लिए किया जा रहा है। आज जब  बड़े बड़े पूंजीपतियों के परंपरागत उद्योग धंधे नहीं चल रहे हैं ,कारखाने बंद हो रहे हैं। उनका कूलर, पंखा, फ्रिज जैसे सामान नहीं बिक रहे हैं, तो यह बड़े-बड़े धन्ना सेठ पैसा कमाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य बिजली, पानी जैसे सेवा क्षेत्रों में आ रहे हैं। और इन सेवा क्षेत्रों को कारोबार में बदल देना चाहते हैं और उनके इस मकसद में हमारी सरकारें उनका पूरा पूरा सहयोग कर रही है। और इसी का ताजा उदाहरण है कि मध्य प्रदेश की बिजली को अडानी  को बेच  दिया गया है। बिजली संशोधन अधिनियम 2021 भी  केवल बिजली के निजी करण व्यापारी करण का मसौदा मात्र है। इसके कारण घरेलू  बिजली  के दाम काफी ज्यादा हद तक बढ़ जाएंगे। किसानों को ₹65000 बिजली का बिल चुकाना होगा ।हालांकि वह सब्सिडी देने की बात कर रहे हैं ,पर गैस सिलेंडर में हमें कितनी सब्सिडी मिल पा रही है यह हम सब का खुद का अनुभव है ।दूसरा किसी भी कानून को लागू करने के पहले लोगों से आम जनता से पूछा जाना चाहिए।उनकी राय ली जानी चाहिए , पर ऐसी किसी भी प्रक्रिया को नकारते हुए गैरलोकतांत्रिक ढंग से यह कानून इस महीने संसद में पास करने  का प्रयास किया जा रहा है।आज हम जानते है की बिजली  आम जन जीवन की मूलभूत जरूरत है ।ऐसे में बिजली का निजी करण करना आम जनता  के लिए बहुत खतरनाक साबित होगा। अतः आम जनता को इसका निजीकरण रोकने के लिए आगे आना चाहिए ।आज संगठित  जनआंदोलन ही सभी  समस्याओं का हल है, हमें यह समझते हुए बिजली के निजीकरण के खिलाफ और बिजली संशोधन अधिनियम 2021 को रद्द करने की मांग को लेकर एक संगठित आंदोलन चलाना चाहिए ।यही आज की जरूरत है।प्रदर्शन में आरोन के अनेक लोग शामिल हुए। प्रदर्शन का संचालन योगेश सोनी ने किया।

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