रेवांचल टाईम्स - मंडला कहते हैं कि बेटी किसी बेटे से कम नहीं होती, जो काम बेटा कर सकता है वही काम बेटी भी कर सकती है। काम चाहे घर का हो या घर की चारदी वारी से बाहर का।
जानकारी के अनुसार मंडला नगर के लालीपुर सरदार भगत सिंह वार्ड में रहने वाले घनश्याम कछवाहा का गुरुवार शाम को 7 बजे हृदय गति रुकने से निधन हो गया। परिवार में कोई पुरुष नहीं था, 5 बिटिया थी इसलिए उनकी छोटी बेटी अंजली कछवाहा ने शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार कर उन्हें मुखाग्नि दी।
वही स्वर्गीय घनश्याम कछवाहा की 5 संतान हैं । जिनमे सभी 5 बिटियों जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, छोटी बेटी अंजली कछवाहा ने अपने पिता को कांधा दिया। बेटा नहीं होने के कारण परिजनों एवं समाज के लोगों ने निर्णय लिया कि छोटी बेटी अंजलि ही पिता को मुखाग्नि देगी। पुरुष प्रधान समाज में किसी की मृत्यु पर बेटा ही कंधा देकर संस्कार पूरी कराया जाता है। यहां बेटी ने पिता को कंधा देकर समाज में बदलाव लाया है। अंजलि ने हिंदू रीति रिवाज से अंतिम क्रियाकर्म के सभी संस्कार पूरे किए। जो समाज में एक मिसाल है। जिसने भी ये नजारा देखा उनकी आंखें नम हो गई और बेटी के प्रति श्रृद्धा से सिर झुकाया। किया हिदू धर्म से अंतिम संस्कार,

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