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Tuesday, July 12, 2022

जानें लो ब्लड प्रेशर क्या होता है, लक्षण, कारण, बचाव और इलाज क्या है?

  


रेवांचल टाईम्स:लो ब्लड प्रेशर या निम्न रक्तचाप से तात्पर्य ऐसी अवस्था से है, जब नसों में खून का दबाव सामान्य से कम हो जाता है. नसों में खून का दवाब कम होने पर दिल, दिमाग और शरीर के कई अन्य भागों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता. कभी-कभी ब्लड प्रेशर कम होने के लक्षण नजर नहीं आते हैं. हालांकि, ऐसी स्थिति में लो ब्लड प्रेशर को हानिकारक नहीं माना जाता है. आमतौर पर चक्कर आना और बेहोशी को  माना जाता है. बता दें कि ये लक्षण तब ज्यादा महसूस होते हैं, जब व्यक्ति लेटने या बैठने के बाद अचानक खड़ा होता है. शरीर में खून की मात्रा कम होना, कोई हृदय संबंधी रोग और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट की वजह से लो ब्लड प्रेशर हो सकता है. उम्र बढ़ने के साथ लो और हाई दोनों तरह के ब्लड प्रेशर का जोखिम भी बढ़ जाता है.

ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए – Ideal Blood Pressure

अगर आदर्श स्थिति की बात करें तो एक स्वस्थ व्यक्ति में 120/80 (सिस्टोलिक/डायस्टोलिक) से कम 90/60 से ज्यादा होना चाहिए. यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 90/60 से भी कम हो जाता है तो ऐसी स्थिति को निम्न रक्त चाप या लो ब्लड प्रेशर कहते हैं. मेडिकल की भाषा में इसे हाइपोटेंशन कहा जाता है.

सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों में से कोई भी यदि अपने न्यूनतम स्तर से नीचे जाते हैं तो उसे लो ब्लड प्रेशर माना जाता है. हालांकि, डॉक्टर ब्लड प्रेशर को लो तभी मानते हैं, जब उसके कुछ लक्षण भी नजर आ रहे हों. लो ब्लड प्रेशर आपको कैसे प्रभावित कर सकता है, उसको एक उदाहरण से ऐसे समझ सकते हैं कि अचानक 20 मिमी एचडी कम होने पर यानी सिस्टोलिक 110 से 90 मिमी एचजी होने पर आपके दिमाग में खून की सप्लाई कम हो जाएगी और आपको बेहोशी हो सकती है. 

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण क्या हैं – Low Blood Pressure Symptoms

ब्लड प्रेशर कम होने पर आम लक्षण चक्कर आना और बेहोशी हैं. हालांकि, कुछ मामलों में किसी अन्य समस्या के कारण भी ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. 

 इस प्रकार हैं –

  • चक्कर आना
  • बेहोशी आना
  • धुंधला दिखना
  • जी मिचलाना
  • थकान महसूस होना
  • एकाग्रता में कमी महसूस होना

जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा गिर जाता है, उस समय इंसान ‘शॉक’ में जा सकता है और यह स्थिति प्राण घातक भी साबित हो सकती है. निश्चित तौर पर यह एक आपात स्थिति है और ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द इलाज की आवश्यकता होती है.

लो ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण – Low Blood Pressure Causes

डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियां, गर्भावस्था और कुछ प्रकार की दवाओं के कारण ब्लड प्रेशर कम हो सकता है. कई बार ऐसा भी होता है, जब ब्लड प्रेशर कम होने का कारण पता नहीं चलता. कुछ स्थितियों या बीमारियों में ब्लड प्रेशर लंबे वक्त तक कम रह सकता है, इसका इलाज न होने पर यह खतरनाक हो सकता है –

  • गर्भावस्था में मां और उसके गर्भ में बढ़ते भ्रूण दोनों को ज्यादा रक्त की जरूरत के कारण ऐसा होता है.
  • चोट लगने पर जब बड़ी मात्रा में खून बह जाए.
  • दिल के दौरे या हार्ट वाल्व में गड़बड़ी के कारण खून के बहाव में कमी हो जाती है.
  • कभी-कभी डीहाइड्रेशन की वजह से कमजोरी और शॉक की स्थिति होती है.
  • एनाफिलेक्टिक शॉक – यह एलर्जी की प्रतिक्रिया का एक गंभीर रूप है.
  • खून से जुड़ा कोई संक्रमण.
  • डायबिटीज और थायरॉयड जैसे एंडोक्राइन रोग.
  • हृदय रोग के इलाज से जुड़ी दवाएं, मूत्रवर्धक, ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवाओं के कारण भी ब्लड प्रेशर कम हो सकता है.

लो ब्लड प्रेशर से कैसे बचें – Prevention of Low Blood Pressure

अगर आप लो ब्लड प्रेशर की समस्या से बचना चाहते हैं तो आपको शराब पीना बंद या कम करना होगा. क्योंकि शराब में पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो ब्लड प्रेशर कम होने का कारण बनता है. अपने आहार में अनाज, फल, सब्जियां और मछली सहित अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल करें. ध्यान रहे कि भोजन ऐसा हो, जिससे आपको सभी आवश्यक पोषक पदार्थ मिलें. अगर लंबे समय से बैठे हैं तो धीरे-धीरे उठें और हो सके तो पैर पर पैर चढ़ाकर न बैठें. एक ही बार में खूब सारा खाने की बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में दिनभर में कई बार खाएं. अपने भोजन में आलू, चावल, रोटी, पास्ता जैसे हाई कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों को कम करें. लो ब्लड प्रेशर की समस्या से निपटने के लिए डॉक्टर आपको कॉफी और चाय पीने की सलाह दे सकते हैं. हालांकि, ध्यान रहे कि यह अस्थायी उपाय हैं और कैफीन के कारण अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

लो ब्लड प्रेशर का इलाज क्या है – Low Blood Pressure Treatment

आमतौर पर लो ब्लड प्रेशर में जब लक्षण नहीं होते हैं तो इलाज की आवश्यकता नहीं होती है. अगर लक्षण नजर आ रहे हैं तो लक्षणों के अनुसार इलाज किया जाता है. उदाहरण के लिए अगर निर्जलीकरण के कारण लो ब्लड प्रेशर है तो आपको पानी पीने की सलाह दी जाएगी, जबकि दवाओं के कारण रक्तचाप कम हुआ है तो उन दवाओं को बदला या खुराक कम की जा सकती है. जब कारण पता न हो तो ब्लड प्रेशर बढ़ाने और लक्षणों को बेहतर करने की कोशिश की जाती है. ब्लड प्रेशर लो होने से बचने के लिए खाने में अधिक मात्रा में नमक का इस्तेमाल करें. हालांकि अधिक सोडियम से दिल संबंधी समस्या हो सकती है, इसलिए अपने डॉक्टर की सलाह पर ही कोई फैसला लें. ब्लड प्रेशर कम होने पर ज्यादा दबाव वाले मोजे पहनें.

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