असम के एक स्वास्थ केन्द्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। खून से लतपथ महिला स्वास्थ्य केंद्र पर तड़पती रही लेकिन उसका इजाज करने कोई नहीं पहुंचा। दर्द से कराहती पत्नी के लिए उसका पति गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया।
असम के एक स्वास्थ केन्द्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। खून से लतपथ महिला स्वास्थ्य केंद्र पर तड़पती रही लेकिन उसका इजाज करने कोई नहीं पहुंचा। दर्द से कराहती पत्नी के लिए उसका पति गिड़गिड़ाता रहा लेकिन उसकी मदद के लिए कोई नहीं आया।
स्वास्थ्य केंद्र के गेट बंद कर दिए गए 9 सेकंड के वीडियो क्लिप में महिला नजर आ रही है वो अपने पति के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। गर्भावस्था में कोई दिक्कत आने के बाद बहुत खून बह रहा है। जब वो वहां पहुंची तो उसे भर्ती कर इलाज करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र के गेट बंद कर दिए गए। वह दर्द और खून से लथपथ वहां लेटी रही।
स्थानीय लोगों ने लगाया ये आरोप स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता और डॉक्टर अपनी ड्यूटी का पालन नहीं करते हैं और आमतौर पर जब कोई भी इमरजेंसी रहती है, वो लोग गायब रहते हैं। खेपरे के कर्मचारियों ने कहा कि वे स्वास्थ्य केंद्र से सामान चोरी होने के डर से दरवाजे बंद रखते हैं।कर्मचारियों ने स्वीकार किया है कि दरवाजा बंद था लेकिन उनका कहना है कि वे तुरंत आए और महिला की देखभाल की गई। इसके बाद महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। स्टाफ के सदस्यों का कहना है कि लड़का और मां की हालत अब बेहतर है।
बच्चा पैदा होने के बाद महिला और उसके पति ने दिया ये बयान वहीं मीडिया से बात करते हुए महिला और उसके पति ने बाद में कहा कि उन्हें मेडिकल स्टाफ से पूरी मदद मिली और वीडियो लेने वाले से नाराज हैं। दंपति ने कहा कि दरवाजा बंद था लेकिन स्टाफ सदस्यों को बुलाने के बाद वे तुरंत आए और उनकी मदद की। हालांकि हाफलोंग की एक टीम जिसमें प्रमुख सचिव नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल शामिल हैं। वो इस मामले में जांच करने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले की पड़ताल की।

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